ऑनलाइन के बजाय ऑफलाइन प्रदूषण सर्टिफिकेट बनाने का खुलासा, केंद्र सील
प्रदूषण जांच केंद्र में प्रदूषण प्रमाणपत्र बनाने में फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। मंगलवार को डीटीओ ओम प्रकाश यादव ने काेर्ट राेड स्थित ग्रीन व्यू पेट्राेल पंप परिसर स्थित पीयूसी सेंटर में छापा मार फर्जीवाड़ा पकड़ा। केंद्र में ऑनलाइन की जगह ऑफलाइन सर्टिफिकेट इश्यू किया जा रहा था। डीटीओ ने केंद्र काे सील करने का आदेश दिया। साथ ही पेट्राेल पंप काे भी नाेटिस जारी किया है। ग्रीन व्यू पेट्राेल पंप के अलावा शहर के अन्य केंद्राें की भी डीटीओ ने जांच की लेकिन वहां गड़बड़ी नहीं मिली।
जिले में लगभग 150 प्रदूषण जांच केंद्र हैं। अब सभी केंद्राें की जांच होगी। डीटीओ के मुताबिक, केंद्रों में सर्टिफिकेट बनाने के एवज में वाहन चालकों से ली गई निर्धारित राशि का कुछ हिस्सा सरकार के खाते में जाता है। ऑफलाइन सर्टिफिकेट बनाकर सरकार के हिस्से की राशि में हेरफेर की जा रही है। दोपहिया का प्रदूषण प्रमाणपत्र 50 और चारपहिया का 120 रुपए में बनता है। इनमें दोपहिया के 20 और चारपहिया के 40 रुपए सरकार के पास जाता है।
ऑनलाइन के बाद अब ऑनलाइन बनवाना होगा
ग्रीन व्यू पेट्राेल पंप परिसर में प्रदूषण जांच केंद्र से जिन्होंने ऑफलाइन सर्टिफिकेट बनवाया है, उन्हें अब फिर से ऑनलाइन सर्टिफिकेट बनवाना होगा, क्योंकि ऑफलाइन सर्टिफिकेट को मान्यता नहीं है।
ऑफलाइन सर्टिफिकेट अवैध, पकड़ाने पर जुर्माना
डीटीओ के मुताबिक, ऑफलाइन बने सर्टिफिकेट का मान्यता नहीं है। जांच में अगर पकड़े जाते हैं ताे वाहन मालिक जुर्माना देना पड़ेगा। प्रदूषण सर्टिफिकेट नहीं रहने पर एक हजार जुर्माना तय है।
ऐसे पता करें...
पॉल्यूशन सर्टिफिकेट आपका सही है या नहीं
प्ले स्टाेर से mParivahan ऐप डाउनलाेड करें। इसके बाद आरसी डैशबाेर्ड में अपनी गाड़ी का नंबर डालें। नंबर डालने के बाद आपकी गाड़ी का पूरा डिटेल्स आ जाएगा। पीयूसीसी वैलिड अपटू में अगर एनए लिखा मिले ताे समझ लें कि आपका ऑफलाइन सर्टिफिकेट बना है।
ग्रीन व्यू पेट्राेल पंप परिसर में ऑफलाइन प्रदूषण सर्टिफिकेट बनता मिला। यह नियमविरुद्ध है। सभी केंद्रों की जांच होगी।
ओम प्रकाश यादव, डीटीओ
from Dainik Bhaskar

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