साज ने 8 लेन रोड को शहर के लिए बताया महत्वपूर्ण
विश्व बैंक की मदद से काेकाे मठ से गाेल बिल्डिंग तक बन रही 20 किलाेमीटर लंबी सड़क की उपयाेगिता पर एकबार फिर सवाल उठ गया है। मंगलवार काे उपायुक्त उमा शंकर की अध्यक्षता में हुई बैठक में उपयोगिता को लेकर सवाल पूछे गए। उपायुक्त ने साज और जुड़काें के अधिकारियाें से इस सड़क की उपयाेगिता की जानकारी मांगी। साज के कार्यपालक अभियंता सह प्राेजेक्ट इंचार्ज एमके वर्मा ने शहर के लिए इस सड़क काे उपयाेगी बताया।
प्राेजेक्ट कंसल्टेंट राेडिंग के रवि शंकर ने पावर प्रजेंटेशन के माध्यम से पूरी याेजना की जानकारी दी और बताया कि सड़क फाेर लेन ही बनेगी। इसके साथ सड़क के दाेनाें तरफ एक-एक सर्विस लेन और एक-एक साइकिल लेन हाेगा। इसके अलावे ड्रेन, स्ट्रीट लाइट, वाटर सप्लाई पाइप भी रहेगा। लाेगाें के सड़क क्राेस करने के लिए तीन-चार स्थानाें पर फूट ओवरब्रिज भी प्रस्तावित है।
2018 में कैबिनेट ने दी थी मंजूरी
8 लेन सड़क निर्माण की मंजूरी 2018 में रघुवर सरकार ने दी थी। 2019 में दाे पार्ट में इसका टेंडर फाइनल किया गया था। एक एजेंसी काे काकाे मठ से बिनाेद बिहारी चाैक और दूसरी एजेंसी काे बिनोद बिहारी चाैक से गाेल बिल्डिंग तक काम करने का कार्यादेश दिया गया था। 24 जून 2020 काे राज्य सरकार ने फंड की कमी बताते हुए निर्माण के काम पर राेक लगा दी।
डीसी की अध्यक्षता में राज्य सरकार ने गठित की है कमेटी
8 लेन बनेगा या नहीं... इस पर निर्णय लेने के लिए राज्य सरकार ने उपायुक्त की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित की थी। मंगलवार काे इस कमेटी की बैठक में इस सड़क पर फैसला हाेना था, लेकिन सूडा उप निदेशक और जुडकाे के जीएम के नहीं आने के कारण सड़क पर काेई निर्णय नहीं हाे सका।
from Dainik Bhaskar

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