श्रमिक व कर्मचारी संगठनों के आह्वान पर विरोध दिवस मना
देश के 22 श्रमिक और कर्मचारी संगठनों, फेडरेशन के विरोध दिवस मनाने के आवाह्न पर सीआईटीयू हजारीबाग जिला कमेटी ने स्थानीय धरना स्थल पर विरोध दिवस मनाया। विरोध दिवस मनाते हुए वक्ताओं ने कहा कि कोरोना महामारी की आड़ में केंद्र सरकार ऐसे काम कर रही है, जिससे देश का आर्थिक ढांचा बुरी तरह से चरमरा गया है। रेल, रक्षा, बैंक बीमा सहित सारे सरकारी उपक्रमों को कारपोरेट के हाथ में बेचने, बेरोजगारों को रोजगार न देने, सरकारी विभागों में खाली पड़े पदों को न भरने जैसे काम के अलावा राज्यसभा में सदस्यों की बात को दरकिनार कर किसान विरोधी बिल और मजदूर विरोधी बिल पास करके मजदूरों के हित के लिए 100 वर्ष पहले बने 44 कानून को समाप्त कर मजदूरों हितों को ठेस पहुंचाया है।
सरकारी नौकरी देने की बाध्यता को समाप्त करने, वेतन कटौती, 50 वर्षीय केंद्रीय कर्मचारियों को जबरन रिटायर करने, सरकारी क्षेत्रों में 100% एफबीआई करने, अध्यादेश के माध्यम से किसान विरोधी बिल पास कर किसानों को कारपोरेट के हवाले करने, आवश्यक वस्तु अधिनियम में संशोधन कर आलू, प्याज, अनाज, तिलहन, खाने वाला तेल, दलहन जैसे जरूरी चीजों को आवश्यक वस्तु अधिनियम से बाहर कर जमाखोरों को फायदा पहुंचाने का काम किया जा रहा है। धरना में गणेश कुमार सीटू, लक्ष्मी नारायण सिंह, सुदीप चटर्जी, विजय मिश्रा, राकेश कुमार सिन्हा, विपिन कुमार सिन्हा, श्रीकांत कुमार, भुनेश्वर महतो, मोहम्मद हकीम, मूलचंद प्रसाद मेहता, अशोक ठाकुर, विजय कुमार, सुमन शेखर, अखिलेश कुमार मिश्रा, प्रशांत कुमार सहित सीआईटीयू के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया ।

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