प्रशासन की घोषणा- धूम्रपान मुक्त हुई रांची, जागरूक हुए लोग, ये है हकीकत- शहर में चौराहों पर अब भी खुलेआम लग रहे कश
प्रशासन ने रांची को धूम्रपान मुक्त घोषित कर दिया है। डीसी छवि रंजन का दावा है कि यहां 90.5% लोग जागरूक हैं, जो सार्वजनिक स्थानों पर बीड़ी-सिगरेट नहीं पीते। लेकिन हकीकत यह है कि हर चौक-चौराहे पर लोग कश लगा रहे हैं। डीसी की घोषणा के बाद दैनिक भास्कर ने शहर के सार्वजनिक स्थानों का जायजा लिया तो कई लोगों को सिगरेट पीते पाया। दरअसल, समाहरणालय सभागार में बुधवार को जिला तंबाकू नियंत्रण समन्वय समिति (डीटीसीसीसी) की बैठक हुई। इसमें तंबाकू नियंत्रण के लिए राज्य सरकार की तकनीकी सहयोगी संस्था सोशियो इकोनॉमिक एंड एजुकेशनल डेवलपमेंट सोसाइटी (सीड्स) ने पावर पॉइंट प्रेजेंटेशन के जरिए रांची में धूम्रपान के बारे में बताया।
इसमें साेसाइटी के कार्यपालक निदेशक दीपक मिश्रा ने बताया कि जिलों में तंबाकू नियंत्रण कानून (कोटपा) की स्थिति क्या है, लोग कितना अनुपालन कर रहे हैं, यह जानने के लिए स्वतंत्र एजेंसी से सर्वेक्षण कराया जाता है। कोटपा की धारा-4 कहती है कि सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान पर प्रतिबंध का कितना पालन हो रहा है? रांची में सर्वे के आधार पर रांची धूम्रपान मुक्त हो गई है। इसके बाद डीसी ने दस्तावेज पर हस्ताक्षर कर रांची को धूम्रपान मुक्त घोषित कर दिया।
आगे क्या... चार जिले और दो शहरी क्षेत्र होंगे धूम्रपान मुक्त
रांची के बाद अब बोकारो, खूंटी, धनबाद, सरायकेला-खरसावां को धूम्रपान मुक्त घोषित करने की योजना है। वहीं, जमशेदपुर और हजारीबाग के शहरी क्षेत्र को धूम्रपान मुक्त घोषित किया जाएगा। इसके लिए प्रशासन लोगों में जागरूकता लाने का अभियान चला रहा है।
तंबाकू मुक्त की यह पहली सीढ़ी...
रांची में भीड़ वाली जगहों पर धूम्रपान नहीं करने वालों की दर काफी अच्छी है। इसका यह भी मतलब नहीं है कि रांची तंबाकू मुक्त जिला हो गया है। धूम्रपान मुक्त होना तंबाकू मुक्त होने की पहली सीढ़ी है।
दीपक मिश्रा, कार्यपालक निदेशक, सीड्स
मुहिम जारी, कोटपा का पालन करें
यह ऐतिहासिक दिन है। मुहिम जारी रहेगी। रांची को तंबाकू मुक्त जिला भी बनाना है। कोटपा-2003 का पूरा पालन हो, इसके लिए जिला और प्रखंड स्तर पर टास्क फोर्स बन चुकी है। रांचीवासी स्वस्थ समाज बनाने में सहयोग करें।
-छवि रंजन, रांची डीसी

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