ईद मिलादुन्नबी पर अंजुमन ने किया परचम कुशाई रश्म, नबी की आन में चारों ओर लहराया परचम
जिलेभर में शुक्रवार को मुस्लिम धर्मावलंबियों ने गाइडलाइन के अनुसार ईद मिलादुन्नबी का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया। चारों ओर साज सजावट कर नबी की आन में परचम लहराया गया। इस क्रम में अंजुमन इस्लामिया के सदर हाजी अफसर कुरैशी व जामा मस्जिद के इमाम कारी शमीम रिजवी के द्वारा संयुक्त रूप से मजार बाबा दुखन शाह र.अ. पर परचम कुशाई की रश्म अदा की गई। मौके पर अंजुमन इस्लामिया के सदर हाजी अफसर कुरैशी ने कहा कि पूरी दुनिया में जश्न ए ईद मिलादुन्नबी को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है।
मुस्लिम धर्मावलंबियों के लिए सबसे बड़ा त्यौहार ईद मिलादुन्नबी का त्योहार है। जिसे पूरी दुनिया में एक साथ मनाया जाता है। उन्होंने कहा कि ईद मिलादुन्नबी हमें आपसी भाईचारा सौहार्द व एक दूसरे के सहयोग तथा प्रेम का संदेश देता है।
परचम कुशाई के बाद फातिहा ख्वानी, नात ख्वानी, दुआ व सलातो सलाम पढ़ा गया। जहां लोहरदगा जिला, राज्य व देश में अमन शांति व कोरोना महामारी से देश राज्य व जिले के बचाव को लेकर दुआ किया गया। इस दौरान मोहिबुल्लाह अंसारी, इकबाल खलीफा, मो शाहनवाज, असगर अंसारी, इरफान अंसारी, खालिद अंसारी, लुकमान अंसारी, सगीर अंसारी, सैयद बॉबी, सहीम अंसारी एवं अन्य लोग उपस्थित थे। इधर हजरत पैगंबर सल्लल्लाहु अलैही वसल्लम के पैदाइश के मौके पर ग्राम कैमो महुआ टोली में जुलूस ए मोहम्मदी का आयोजन किया गया।
जिसमें पूरे गांव के बच्चे बुजुर्ग शामिल हुए और इमाम हुसैन चौक महुआ टोली से शुरू हो कर गश्त करते हुए पूरे गांव में जुलूस ए नबी की आमद मरहबा जैसे नारों के साथ पुनः इमाम हुसैन चौंक पहुंच कर सभा में तब्दील हो गया। जुलूस का नेतृत्व गांव के हाफिज अजमल साहब, समसुल अंसारी, हाफिज यजदानी साहब, मास्टर शमीम कर रहे थे।

Leave Comments
एक टिप्पणी भेजें