टाटा मोटर्स की एसेंबली लाइन, 78,906 कर्मचारियों के साथ बदलते झारखंड की बुलंद तस्वीर
टाटा मोटर्स की स्थापना 1945 में हुई। पूरी कंपनी 603 एकड़ में फैली हुई है। इसमें 78,906 कर्मचारी काम करते हैं। 1954 में डैमलर बेंज टेक्नोलाॅजी के साथ यहां ट्रक बनना शुरू हुआ। 5 जून 1965 को कंपनी ने एक लाखवां ट्रक बनाया। जबकि 5 जून 1969 में टाटा के ‘टी’ लोगो के साथ पहला ट्रक बना। वर्ष 2013 में कंपनी ने 20 लाख ट्रक बनाने का लक्ष्य पूरा किया।
2020 में कंपनी अपना 75वां स्थापना वर्ष मना रही है। कंपनी के अनुसार टाटा मोटर्स के जमशेदपुर प्लांट में औसतन हर रोज 250 कमर्शियल वाहन बनते हैं। असेंबली लाइन में प्रति 5 मिनट में एक ट्रक तैयार हो जाता है। पिछले अप्रैल के बाद से जमशेदपुर प्लांट में सिर्फ बीएस-6 वाहन बन रहे हैं।
5 मिनट में एक ट्रक असेंबल कर देता है रोबोटिक्स
टाटा मोटर्स में ट्रक की असेंबलिंग दुनिया की सबसे एडवांस टेक्नोलॉजी ‘रोबोटिक्स’ से होती है। इसमें इंडस्ट्रियल रोबोट का इस्तेमाल होता है। बीएस-6 स्टैंडर्ड आने के बाद पहली बार असेंबली लाइन की ऐसी तस्वीर भास्कर में।

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