आईएमए ने की सावधानी बरतने की अपील, छठ में बाहर जाने वाले वापस आने पर कोरोना जांच अवश्य कराएं
दिल्ली में फिर से कोरोना के बढ़ते मामले चिंता का विषय है। कोरोना से ठीक होने के बाद लोगों में लंग्स फाइब्रोसिस की समस्या बढ़ी है। इसमें लोगों को सांस लेने में परेशानी होने लगती है। ऐसे में दीपावली में प्रदूषण बढ़ने से वैसे लोगों की समस्या बढ़ सकती है। उक्ते बातें इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के अध्यक्ष डाॅ. उमेश खां ने कहीं। वे रविवार की शाम साकची आईएमए भवन में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में बोल रहे थे।
मौके पर पूर्वी सिंहभूम के अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी (एसीएमओ) डाॅ. साहिर पाल ने कहा कि दीपावली के बाद प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। इससे अस्थमा मरीजों की समस्या बढ़ जाती है। उन्हें सांस लेने में परेशानी होने लगती है। आईएमए जमशेदपुर शाखा के अध्यक्ष डाॅ. उमेश खां ने कहा कि पर्व-त्योहार मनाएं लेकिन सावधानी जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही बरतने पर कोरोना के मरीजों में फिर से इजाफा हो सकता है।
इसकी गंभीरता को समझने की जरूरत है। इससे निपटने के लिए शारीरिक दूरी, मास्क व हाथों को बार-बार धोते रहने की जरूरत है। छठ घाटों पर भीड़ अधिक न हो तो इससे बचा जा सकता है। उन्होंने लोगों को अपने-अपने घरों पर ही छठ पूजा करनी चाहिए। मौके पर डाॅ. अशोक कुमार व डाॅ. संतोष गुप्ता भी मौजूद थे।आईएमए के संयुक्त सचिव सह हृदय रोग विशेषज्ञ डाॅ. संतोष गुप्ता ने कहा कि ठंड में प्रदूषण के साथ हवा नीचे रहती है। छींकने और खांसने से जो ड्रॉपलेट निकलता है वो जल्दी वाष्पीकरण नहीं होता है। इस कारण कोरोना वायरस के फैलने की संभावना ज्यादा रहती है।

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