100 की जांच में आठ लाभुकाें के नाम पर मिले दो-दो राशनकार्ड, जिसने भी पद संभाला किया घोटाला
पोटका में डाकिया योजना के तहत खाद्यान्न घोटाले की जांच धालभूम के एसडीओ नीतीश कुमार सिंह ने गुरुवार को शुरू कर दी। विलुप्त हो रही सबर जनजाति के लिए आवंटित करीब 1900 क्विंटल खाद्यान्न का घोटाला हुआ है। 136 सबर परिवार के नाम पर फर्जी राशनकार्ड बनाकर घोटाले को अंजाम दिया गया। दैनिक भास्कर ने पोटका में हुए इस खाद्यान्न घोटाले को उजागर किया था। मामला उजागर होने के बाद डीसी सूरज कुमार ने इस मामले की जांच का जिम्मा एसडीओ को सौंपा है।
इसी के आलोक में एसडीओ ने गुरुवार काे जांच शुरू की। एसडीओ ने पहले पोटका प्रखंड विकास पदाधिकारी कार्यालय में पहुंचकर खाद्यान्न घोटाले से संबंधित कागजात की जांच की। कुछ कागजात काे एसडीओ ने जब्त किया है। वहीं, कागजात जब्त करने के बाद एसडीओ प्रखंड विकास पदाधिकारी सह प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी दिलीप कुमार महतो व अन्य कर्मचारियों को साथ लेकर सबर नगर गांव पहुंचे। सबर परिवार से बातचीत की। जांच शुक्रवार को भी जारी रहेगी।
जून 2019 तक करीब तीन साल में 1900 क्विंटल की कालाबाजारी की गई
136 फर्जी राशनकार्ड पर 36 माह तक 1856 क्विंटल खाद्यान्न का उठाव कर कालाबाजारी की गई, पर राशनकार्ड रद्द करने के बाद भी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी के पदभार में रहे किसी भी अधिकारी ने जिला मुख्यालय को इसकी जानकारी नहीं दी और न ही किसी तरह की जांच की अनुशंसा ही की। अभी तक की जांच में पाया गया कि मुमताज नामक खाद्यान्न माफिया ने डोर स्टेप डिलेवरी ठेकेदार, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों और कर्मचारियों की मिलीभगत से विलुप्त हो रही प्रजाति के खाद्यान्न की कालाबाजारी की है।
423 राशनकार्ड की हाेनी है जांच : एसडीओ ने सबर नगर के लाभुकों का बयान लिया और सूची का मिलान किया। अब तक करीब सौ लाभुकों की सूची का मिलान किया है, जिसमें 8 लाभुक के दो-दो राशनकार्ड हैं। 423 राशनकार्ड की जांच होगी। 2015 में हुए सर्वे के आधार पर 2016 में 564 सबर परिवार का राशनकार्ड बनाया था। सर्वे में ही खामियां हैं। तत्कालीन प्रभारी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी प्रेमनाथ प्रसाद की देखरेख में राशनकार्ड बनाया था।
पीडीएस के खाद्यान्न की कालाबाजारी करने वालों ने 2016 में ही फर्जी राशन कार्ड बनाया था। इसके आधार पर जून 2019 तक करीब 1900 क्विंटल की कालाबाजारी की। मामले में प्रभारी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी प्रेमनाथ प्रसाद, सीओ संजय पांडे, सीओ द्वारिका बैठा, सीओ बालेश्वर राम, बीडीओ कपिल कुमार व वर्तमान बीडीओ दिलीप कुमार महतो जांच के घेरे में हैं।

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