सरकारी व सीएनटी जमीनों की हुई रजिस्ट्री सीओ-सब रजिस्ट्रार समेत 23 कोे शो-कॉज, मौजूदा व पूर्व सीओ समेत चार सब-रजिस्ट्रारों की भूमिका संदिग्ध
धनबाद और गाेविंदपुर अंचल में बड़े पैमाने पर जमीन निबंधन और म्यूटेशन में गड़बड़ी का मामला सामने आया है। जांच रिपाेर्ट में खाता और प्लाॅट मेें हेराफेरी कर सरकारी और सीएनटी जमीनों का भी दाखिल-खारिज कर दिया है। म्यूटेशन के कई मामलाें में खाता-प्लाॅट का सही से मिलान किए बिना ही दूसरे खातों की जमीन का भी दाखिल-खारिज कर दिया गया है। निबंधन और राजस्व विभाग रांची के निर्देश पर डीसी उमा शंकर सिंह ने अपर समाहर्ता श्याम नारायण राम की अध्यक्षता व कार्यपालक दंडाधिकारी अमर प्रसाद व गुलजार अंजुम की सदस्यता में कमेटी गठित की थी। समिति ने शुक्रवार काे जांच रिपाेर्ट डीसी काे साैंप दी।
डीसी ने विभागीय कार्रवाई के लिए जांच समिति की रिपाेर्ट रांची मुख्यालय भेज दी है। जांच कमेटी के अध्यक्ष एसी राम ने बताया कि विभिन्न कागजात की जांच के बाद समिति ने दाखिल खारिज काे लेकर निबंधन और अंचल कार्यालय स्तर पर गड़बड़ी पाया गया है। इधर, समिति की रिपाेर्ट के आधार पर डीसी ने धनबाद अंचल के वर्तमान सीओ प्रशांत लायक व पूर्व सीओ प्रकाश कुमार व सीआई जीएस प्रसाद, गाेविंदपुर अंचल की वर्तमान सीओ वंदना भारती व पूर्व सीओ अनिल कुमार, धनबाद निबंधन विभाग की सब रजिस्ट्रार श्वेता कुमारी व पूर्व सब रजिस्ट्रार संताेष कुमार और गाेविंदपुर निबंधन विभाग के सब रजिस्ट्रार मिहिर कुमार व पूर्व सब रजिस्ट्रार सुजीत कुमार के अलावा निबंधन विभाग समेत धनबाद व गाेविंदपुर अंचल के 23 कर्मियाें काे शाेकाॅज किया गया है।
एसी की अध्यक्षता में जांच समिति ने डीसी को सौंपी रिपोर्ट में कार्रवाई की सिफारिश की
खाता-प्लॉट की जांच किए बगैर कर दिया गया म्यूटेशन
समिति के अध्यक्ष ने बताया कि 2016 के बाद जब से राज्य में ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू हुई है, उसके बाद म्यूटेशन मामले में हुई गड़बड़ी की जांच की जानी थी। समिति ने गाेविंदुपर और धनबाद अंचल में म्यूटेशन में हुई गड़बड़ी की जांच की। जांच में पाया गया कि कई मामलाें में खातों और प्लाॅट का मिलान किए बिना ही पंजीयन-2 के आधार पर दाखिल-खारिज कर दिया गया है। सीओ, सीआई और हल्का कर्मचारी ने खाता-प्लाॅट का मिलान ही नहीं किया।
निबंधन विभाग ने भी जांच नहीं की, कर दी गई रजिस्ट्री
जांच में रजिस्ट्री ऑफिस स्तर पर भी गड़बड़ी का मामला सामने आया है। धनबाद और गोविंदपुर निबंधन कार्यालयों ने जमीनों के खाता और प्लाॅटों की जांच किए बगैर ही उनक जमीनों का निबंधन कर दिया गया, जिसके कारण यह गड़बड़ी हुई है। जांच में झारनेट की आइटी विभाग स्तर पर भी लापरवाही बरती गई है। सॉफ्टवेयर ने बिना जांच किए ही जमीनों के ऑनलाइन म्यूटेशन काे सही कर दिया। जांच समिति ने रिपोर्ट में इसमें भी सुधार की सिफारिश की है।
सीआई, हलका कर्मचारी और लिपिकाें की मिलीभगत भी उजागर
जांच रिपाेर्ट में म्यूटेशन मामले में धनबाद और गाेविंदपुर अंचल में हर स्तर पर गड़बड़ी बताई गई है। धनबाद अंचल के सीआई जीएस प्रसाद, हल्का दो कर्मचारी नेहा प्रसाद व हल्का तीन कर्मचारी नीरज कुमार, पुटकी कर्मचारी नवीन कुमार सिन्हा तथा अंचल कार्यालय के दाे लिपिक काे भी शाेकाॅज किया गया है। वहीं गाेविंदपुर अंचल के सीआई यशवंत सिन्हा, हल्का कर्मचारी कुमार चंदन, देवेंद्र प्रसाद सिंह, एके सिन्हा, लिपिक संजय दास तथा धनबाद और गाेविंदपुर निबंधन कार्यालय के दाे लिपिकाें से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

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