एमजीएम मेडिकल काॅलेज की दो आरटीपीसीआर मशीन एक महीने से खराब, तीन हजार की जगह राेजाना दो हजार सैंपल की हाे रही जांच
जिला प्रशासन और एमजीएम मेडिकल कॉलेज प्रशासन की सुस्ती के कारण काॅलेज के वायरोलॉजी लैब में पिछले एक महीने से खराब पड़ी दो आरटीपीसीआर मशीनाें की मरम्मत नहीं हो पा रही है। इससे एमजीएम वायरोलॉजी लैब के डाॅक्टर व कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मशीन खराब होने से कोरोना के लिए स्पेशल ड्राइव कर लिए गए 17482 सैंपल की जांच नहीं हाे पा रही है। इन सैंपल काे दूसरे जिले में जांच के लिए भेजा जा रहा है। काॅलेज के वायरोलॉजी लैब में पांच आरटी पीसीआर मशीनें लगी हैं। इसमें से दो मशीनें पिछले एक महीने से अधिक समय से खराब हैं। जबकि विशेष अभियान के तहत पिछले दिनों हजारों लोगों का सैंपल लिया गया है। लेकिन, मशीन खराब होने से 17482 नमूनों की जांच नहीं हो पाई है।
लैब के डाॅक्टरों के अनुसार खराब पड़ी एक आरटी-पीसीआर मशीन की मरम्मत में करीब साढ़े छह लाख रुपए खर्च लग सकता है। वहीं, दूसरी ओर कर्मचारियों की भी भारी कमी है। डाॅक्टरों का कहना है कि शुरुआती दिनों में कर्मचारी कम होने के बावजूद भी वे दिन-रात काम किए और बेहतर परिणाम देने में सफल रहे। लेकिन, अब कर्मचारी छुट्टी की मांग करने लगे हैं। पहले रविवार को भी सभी नियमित रूप से लैब आते थे, लेकिन अब नहीं पहुंच रहे हैं। हालांकि, अब भी एमजीएम लैब में हर दिन औसतन दो हजार सैंपल की जांच हो रही है।
अगर सभी मशीनें ठीक रहतीं तो यह संख्या तीन हजार तक हाेती। एमजीएम काॅलेज के प्रिंसिपल डाॅ. एके बारला ने कहा कि मशीनें खराब हैं। उसे ठीक करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है और जल्द ही मशीनें ठीक हो जाएंगी।
पूर्वी सिंहभूम जिले से चार हजार लोगों के सैंपल भेजे जाएंगे हजारीबाग
पूर्वी सिंहभूम जिले में अभी तक कुल 445006 संदिग्ध मरीजों का नमूना लिया गया है। इसमें 387024 लोगों की जांच हो चुकी हैं। शेष 17 हजार 482 लोगों की जांच पेंडिंग है, जो खतरनाक साबित हो सकता है। इसे देखते हुए चार हजार सैंपल हजारीबाग मेडिकल कॉलेज में जांच के लिए भेजा जाएगा। वहीं, डीसी ने पूर्वी सिंहभूम जिले में भी जांच में तेजी लाने को निर्देश दिया है।
13 मार्च से एमजीएम वायरोलॉजी लैब में हो रही कोरोना की जांच
एमजीएम वायरोलॉजी लैब में 13 मार्च से कोरोना सैंपल की जांच हो रही है। अब तक लैब में करीब एक लाख 40 हजार सैंपल की जांच हुई है। इसमें जिले के 107021 और 32429 सैंपल झारखंड के दूसरे जिलाें के मरीजों की जांच हुई है। कोरोना काल में लैब के डाॅक्टराें और कर्मचारियों की मेहनत व समर्पण को सचिव ने भी सराहा है। साथ ही इन डाॅक्टर व कर्मचारियों को विशेष सम्मान देने पर विचार विमर्श हो रहा है।

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