माइनिंग के लिए स्मार्ट टेक्नाेलाॅजी विकसित करेगा आईआईटी ताकि मशीनें अचानक न हों, कोलियरियों को भी बनाएगा स्मार्ट
आईआईटी आईएसएम, धनबाद का बुधवार काे 95वां स्थापना दिवस मनाया जाएगा। काेराेनाकाल में सभी कार्यक्रम ऑनलाइन हाेंगे। मुख्य अतिथि काेल इंडिया लिमिटेड के डीटी विनय दयाल हाेंगे, जाे आईआईटी के ही पूर्ववर्ती छात्र हैं।
संस्थान के बीओजी के चेयरमैन प्राे प्रेम व्रत, संस्थान निदेशक प्राे राजीव शेखर भी साेशल मीडिया से ही समाराेह से जुड़ेंगे। गौरतलब है कि आईआईटी आईएसएम, धनबाद नई-नई तकनीक पर काम कर रहा है। माइनिंग के लिए संस्थान स्मार्ट टेक्नाेलाॅजी विकसित करेगा और उसे लागू करने पर जाेर देगा।
अंडरग्राउंड और सर्फेस माइंस में बड़ी-बड़ी मशीनें अचानक ब्रेकडाउन (बंद) हाे जाती हैं, जिससे भारी नुकसान हाेता है। ऐसे में तकनीक का उपयाेग कर मशीनाें काे बिना थके, बिना रुके चलने लायक बनाया जाएगा। मशीनाें पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से नजर रखा जा सकेगा। पहले तय अंतराल पर मेंटेनेंस हाेता था। लेकिन, अब जब भी जिस भी चीज की जरूरत हाेगी, उसे उसी समय उसे पूरा किया जाएगा।
माइनिंग में हाेगा अत्याधुनिक तकनीकाें का उपयाेग
प्राे धीरज कुमार ने कहा कि खदानाें के बड़े-बड़े ढेर गिर जाते हैं। वे टिके रहें, ऐसी तकनीक बनाई जाएगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, राेबाेटिक्स, स्मार्ट कम्युनिकेशन टेक्नाेलाॅजी, स्मार्ट सेंसर टेक्नाेलाॅजी, बिग डाटा, मशीन लर्निंग का उपयाेग किया जाएगा। इन सब चीजाें का उपयाेग माइनिंग में किया जाएगा।
सेक्शन 8 कंपनी बनी, सरकार काे भेजा एग्रीमेंट
साइबर फिजिकल सिस्टम काे माइनिंग में लागू करने के लिए पब्लिक प्राइवेट लिमिटेड सेक्शन 8 कंपनी बनाई गई है। कंपनी का नाम टेक्नाेलाॅजी इनाेवेशन इन एक्सप्लाेरेशन एंड माइनिंग फाउंडेशन रखा गया है, जाे स्वतंत्र बाॅडी है। इसमें संस्थान निदेशक कंपनी के चेयरमैन और डीन रिसर्च एंड डेवलपमेंट व डीन ईरा कंपनी के निदेशक हैं। कंपनी में इंडस्ट्री और एकेडमिक से और भी लाेगाें काे जाेड़ा जाएगा।
भारत सरकार ने 110 कराेड़ रुपए की फंडिंग की
कंपनी में फंडिंग पर संबंधित कंपनियाें काे मिलेगी कर छूट भारत सरकार ने 110 कराेड़ रुपये की फंडिंग भी की है। काेई कंपनी में सीएसआर प्राे धीरज कुमार ने बताया कि इस सेक्शन 8 कंपनी में काेई भी कंपनी सीएसआर के तहत फंडिंग कर सकती है। कंपनियाें काे कर में भी छूट मिलेगी। इस फंड से देश भर में माइनिंग टेक्नाेलाॅजी पर हाेने वाले रिसर्च पर नजर रखना है। उसे हर तरह की मदद करनी है और बढ़ावा दिया जाएगा।

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