टूटे रिश्तों को जाेड़ने और रूठे दिलों को मनाने के लिए डालसा कर रही है विशेष मध्यस्थता
जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने एक बार फिर टूटे रिश्तों को मनाने और रूठे दिलों को जोड़ने की कोशिश की है। रिश्तों में दरार और पति-पत्नी में अनबन और अलगाव की घटनाओं में भी तेजी से बढ़ोतरी हुई है। घर की चहारदीवारी को लांघ कर अदालतों में मामले पहुंच रहे हैं, लेकिन अदालतें ऐसे ज्यादातर मामलों में मानवीय रुख अख्तियार करती हैं. उनकी कोशिश होती है कि आखिरी क्षण तक टूटते परिवार को बचाया जा सके।
इसी के तहत डालसा 7 से 11 दिसंबर तक 5 दिवसीय विशेष मध्यस्थता अभियान का आयोजन किया गया है। जहां मध्यस्थ मामलों को ऑनलाइन सुन रहे हैं और घर की चहारदीवारी से शुरू होकर अदालत की चौखट तक पहुंचे मामलों को सुलझाने की कोशिश कर रहे हैं।
यह अभियान सिविल कोर्ट स्थित मध्यस्थता केंद्र में चलाया जा रहा है, जहां अदालतों में दर्ज तलाक, भरण-पोषण वाद, महिला उत्पीड़न, दहेज प्रताड़ना, अपीलीय न्यायालय में चल रही अग्रिम जमानत याचिका, जमानत याचिका आदि से संबंधित मामलों का निष्पादन मध्यस्थता के जरिये किया जा रहा है।
डालसा के अध्यक्ष कुमार कमल ने बताया कि विशेष मध्यस्थता अभियान का आयोजन झारखंड उच्च न्यायालय के निर्देश पर चलाया जा रहा है। लोगों को त्वरित न्याय देने और पारिवारिक मामलों की मध्यस्थता के लिए तीन मध्यस्थों को नामित किया गया है, जिसमें अधिवक्ता प्रभात श्रीवास्तव, प्रदुमन सिंह और कोमल दास शामिल हैं।
जो पक्षकारों के बीच सुलह-समझौता कराकर मामलों का निष्पादन करने में महती भूमिका निभा रहे हैं। इस अभियान के तहत 15 मामलों को सुना जाना है। जिसमें दो मामलों को सुलझाने में बेंच को सफलता मिली है।
बताया गया कि वर्चुअल अभियान में 5 दिनों में ज्यादा से ज्यादा मामलों के निष्पादन की कोशिश की जा रही है, जिसमे मध्यस्थों की भूमिका काफी अहम होगी। ये मध्यस्थ दोनों पक्षों से बात कर उन्हें एक मंच पर लाकर विवादों का अंत करने की कोशिश कर रहे हैं।

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