अव्वल अल्लाह नूर उपाया कुदरत के सब बंदे एक नूर ते सब जग उपज्या कौन भले कौ मंदे...
511वां प्रकाश पर्व व कार्तिक पूर्णिमा को जैसे ही रात के 12 बजे शहर के गुरुद्वारों में धन गुरु नानक, धन गुरु नानक के जयकारे गूंज उठे। हर श्रद्धालु की नजर गुरुद्वारे में पालकी में विराजित गुरु ग्रंथ साहब पर टिक गई। विशेष रूप से सजे रात के दीवान में शबद गायन के बाद आरती, अरदास व हुकमनामा पढ़ने के साथ प्रकाश पर्व का समापन हुआ।
इधर, गुरुनानक देव के जन्मोत्सव के साथ ही लोगों ने जमकर पटाखे छोड़े और घरों में रंग-बिरंगी लाइटें लगाकर दिवाली मनाई।
सैकड़ों श्रद्धालुओं ने घरों में दीए जलाए और कड़ाह प्रसाद बनाकर अगल-बगल के घरों में बांटे। गुरुनानक पब्लिक स्कूल में सजे दीवान में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मत्था टेका। इसके बाद उन्होंने दीवान में बैठकर हजूरी रागी भाई भरपूर सिंह, भाई संदीप सिंह और उनके सहयोगियों द्वारा भाई गुरदास द्वारा रचित वाणी पुकार दातार प्रभु गुरुनानक जग माही पथाया... शबद बड़े ध्यान से सुने।
हजूरी रागी भाई भरपूर सिंह ने अपनी सुरीली आवाज में कीर्तन गायन कर संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया।

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