पहाड़ से सीधे 55245 घरों में पहुंचेगा पानी, धांगी पहाड़ी पर संप का निर्माण शुरू, बिजली नहीं रहने पर भी सप्लाई में नहीं हाेगी परेशानी - AKB NEWS

पहाड़ से सीधे 55245 घरों में पहुंचेगा पानी, धांगी पहाड़ी पर संप का निर्माण शुरू, बिजली नहीं रहने पर भी सप्लाई में नहीं हाेगी परेशानी

मैथन-भेलाटांड़ समानांतर जलापूर्ति याेजना के तहत शहर से सटे धांगी पहाड़ी पर संप के निर्माण की कवायद शुरू हाे गई है। संप निर्माण के पूर्व पहाड़ काे काट कर पाइप बिछाने का काम चल रहा है। पाइप का काम पूरा हाेने के बाद पहाड़ के सबसे उपरी सतह पर संप का निर्माण किया जाएगा। इस संप के तैयार हाे जाने के बाद शहर के 20 वार्डाें में रहने वाले लाेगाें के घराें में धांगी पहाड़ी से सीधे पानी पहुंचेगा। संप के निर्माण में 80 से 95 लाख रुपया खर्च हाेने का अनुमान है।

इसका निर्माण एलएंडटी कंपनी द्वारा किया जा रहा है। जुड़को की देखरेख में इसका पूरा काम हाे रहा है। एक साल में संप का निर्माण कार्य पूरा हाे जाएगा। इस याेजना के तहत 500 किलाेमीटर पाइप बिछाया जाएगा। पाइप बिछाने का काम 40 फीसदी तक पूरा हाे चुका है। इस याेजना के पूरा हाे जाने पर 55245 घराें में पानी पहुंचेगा। फिलहाल इस योजना से शहर के पुराना बाजार, गांधी नगर, धनसार, जाेड़ाफाटक, बैंकमाेड़, बरटांड़, धैया, हीरापुर, स्टील गेट, जगजीवन नगर व काेला कुसमा समेत आसपास के क्षेत्राें को पानी देने की योजना है।

2 विशेषताएं; जो इस योजना को बनाती है विशेष

1. संप काे पहाड़ी के सबसे उपरी तल पर बनाया जा रहा है। जहां से पानी सप्लाई करने के लिए माेटर पंप की जरूरत नहीं पड़ेगी।

2. संप से पानी सप्लाई के लिए मोटर पंप की जरूरत नहीं है, इसलिए बिजली की भी जरूरत नहीं होगी। बिजली नहीं रहने पर भी सप्लाई होगी।

धांंगी पहाड़ी में संप निर्माण का कार्य करते कर्मी

संप की क्षमता 8. 6 एमएलडी

धांगी पहाड़ी पर बन रहे संप की क्षमता 8. 6 एमएलडी है। भेलाटाड़ ट्रीटमेंट प्लांट से पानी माेटर पंप की मदद से संप में पहुचेगा, फिर संप से पानी शहर के अलग-अलग इलाके में बने जलमीनारों में पहुंचेगा। इस संप में पानी केवल भेलाटाड़ से ही नहीं, बल्कि जामाडाेबा ट्रीटमेंट प्लांट से भी दामाेदर का पानी अाएगा। जामाडाेबा से भेलाटांड़ तक पाइप बिछाने का काम शहरी जलापूर्ति याेजना के तहत पहले ही किया जा चुका है।

धांगी पहाड़ी पर संप का निर्माण शुरू हाे गया है। इसके बन जाने से पानी की कमी नहीं हाेगी। संप में मैथन के साथ जामाडाेबा से दामाेदर नदी का पानी भी पहुंचेगा। याेजना काे 36 माह में पूरा करना है।
- आजाद डेनियल विहान, परियाेजना प्रबंधक





Previous article
Next article

Leave Comments

एक टिप्पणी भेजें

Articles Ads

Articles Ads 1

Articles Ads 2

Advertisement Ads