जल के लिए जल सत्याग्रह, आईएलएफएस ठेका कंपनी के काम छोड़ने से बागबेड़ा वृहद जलापूर्ति का काम अटका - AKB NEWS

जल के लिए जल सत्याग्रह, आईएलएफएस ठेका कंपनी के काम छोड़ने से बागबेड़ा वृहद जलापूर्ति का काम अटका

बंद पड़े बागबेड़ा वृहत ग्रामीण जलापूर्ति योजना का काम शुरू कराने की मांग पर शनिवार को जल सत्याग्रह हुआ। इससे 75 हजार लोगों को पानी देने का लक्ष्य है। बागबेड़ा, कीताडीह व घाघीडीह के पंचायत राज व्यवस्था के प्रतिनिधियों ने बागबेड़ा बडौदा घाट पर खरकई नदी में खड़े होकर जल सत्याग्रह किया। सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक जल सत्याग्रह आंदोलन चला। इसके बाद डीसी सूरज कुमार के नाम बागबेड़ा थाना प्रभारी राजेश कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपा। आंदोलन की अगुवाई जिला परिषद सदस्य किशोर यादव कर रहे थे। ज्ञापन में कहा - बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना का काम ठेका कंपनी आईएलएफएस ने अधूरा छोड़ दिया है, विभाग इसे कोर्ट ले जाना चाहता है।

मामला कोर्ट जाने से योजना लम्बे समय तक लटक जाएगा। योजना के बचे काम को विभागीय स्तर पर कराने की मांग की। 2018 में होने वाली योजना 2021 में अधूरी है। 237 करोड़ में 211 करोड़ खर्च होने के बाद भी क्षेत्र के लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा - 15 दिनों में बागबेड़ा जलापूर्ति का काम सुचारू रूप से शुरू नहीं हुआ तो पंचायत प्रतिनिधि उग्र आंदोलन करेंगे। पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के पदाधिकारियों के कार्यालय व आवास का पानी कनेक्शन बंद करने की चेतावनी दी।

 इसकी सारी जिम्मेदारी विभागीय अभियंताओं की होगी। जल सत्याग्रह में मुखिया प्रतिमा मुंडा, नीनू कुदादा, सुषमा जोडा, बुधराम टोप्पो, जमुना हांसदा, जोबा मार्डी, नीरज सिंह, शुरेस निषाद, पंचायत समिति सदस्य झरना मिश्रा, श्वेता जैन, द्रोपदी मुंडा, मोनिका हेंब्रम राजू सिंह, कविता चौरसिया, पूर्व मुखिया राज कुमार गोड, विष्णु व अन्य थे।

मरम्मत के बाद बागबेड़ा के 1 हजार घराें में पानी की आपूर्ति

बागबेड़ा हाउसिंग काॅलाेनी जलापूर्ति याेजना के बिष्टुपुर पंप हाउस का मरम्मत कार्य करने बाद शनिवार शाम चार बजे घर-घर जलापूर्ति शुरू हाे गई। एक हजार घराें में शुक्रवार की सुबह से पानी सप्लाई बंद थी। ग्राम जल स्वच्छता समिति ने माेटर मरम्मत करा जलापूर्ति शुरू कराई ।

पंचायती राज के प्रतिनिधियों की चेतावनी- अब पेयजल और स्वच्छता विभाग के अधिकारियों के घर व ऑफिस का पानी कनेक्शन काटेंगे

गोविंदपुर में नहीं हुई जलापूर्ति, 25 हजार लोग परेशान

गोविंदपुर जलापूर्ति योजना का संचालन करने वाले ठेका मजदूरों की हड़ताल से जलापूर्ति बाधित रही। छोटा गोविंदपुर, सारजमदा, परसुडीह, राहरगोड़ा , बारीगोड़ा व आसपास करीब 25 हजार की आबादी परेशान रही। गोविंदपुर जलापूर्ति योजना का संचालन आईएलएफएस ठेका कंपनी करती थी। कंपनी एक माह पूर्व काम छोड़कर भाग गई। इससे पेयजल व स्वच्छता विभाग ने ठेका कंपनी के 15 कर्मचारियों को काम पर रखते हुए विभागीय स्तर पर वेतन देने का भरोसा दिया था। विभागीय आश्वासन पर ठेका कंपनी के कर्मचारी जलापूर्ति व्यवस्था का संचालन करते रहे, पर उन्हें जब वेतन नहीं मिला तो उन लोगों ने हड़ताल करने की घोषणा की। शनिवार को हड़ताल का पहला दिन था। इधर, विभागीय स्तर पर हड़ताल खत्म कराने का पहल अधीक्षण अभियंता शिशिर कुमार सोरेन कर रहे हैं।

ठेका कंपनी पर करेंगे कार्रवाई

गोविंदपुर जलापूर्ति योजना से पानी की आपूर्ति बहाल करने के लिए प्रयास कर रहे हैं। कर्मचारियों को वेतन दिया जाएगा। वहीं बागबेड़ा वृहत ग्रामीण जलापूर्ति योजना के बंद पड़े काम को शुरू करने की बात है उस दिशा में स्थानीय स्तर पर व मुख्यालय स्तर पर पहल कर रहे हैं। ठेका कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-शिशिर कुमार सोरेन, अधीक्षण अभियंता, पेयजल व स्वच्छता विभाग




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