बजट पावर:सीएम के पास बजट की आधी राशि, 73% पैसा भी झामुमो के मंत्रियों के विभागों को: रांची
झारखंड विधानसभा में वित्त मंत्री डॉ रामेश्वर उरांव ने बजट का पिटारा खोला तो सबसे ज्यादा राशि अपने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विभागों को दी। बजट में विभाग को मिले पैसे के अनुसार मुख्यमंत्री के बाद आलमगीर आलम सबसे ताकतवर मंत्री हैं।
इसके बाद जगरनाथ महतो और जोबा मांझी का नंबर आता है। इस बजट में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पास 44 हजार करोड़ रुपए खर्च करने की ताकत होगी। कुल बजट की तुलना में यह राशि 48.58% है। यानी इस बजट का करीब आधा पैसा हेमंत सोरेन के निर्देशों से खर्च होगा। वहीं, बजट में भी गठबंधन की सरकार में झामुमो सबसे ताकतवर रहा। झामुमो कोटे से बने मंत्रियों के विभागों को बजट की लगभग 73 प्रतिशत राशि मिली है। जबकि सबसे कमजोर मंत्री राजद के श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता साबित हुए हैं, जिनके विभाग के हिस्से में 0.48% बजट आया है। आलमगीर आलम के ग्रामीण विकास, ग्रामीण कार्य, पंचायती राज एनआरईपी को सबसे ज्यादा पैसे मिले हैं। उन्हें 14.15% से ज्यादा बजट खर्च करने का मौका मिलेगा। 12.55% राशि पाने वाले मंत्री जगरनाथ महतो हैं।
कांग्रेस कोटे के मंत्रियों को 26% पैसा
बजट में गठबंधन दलों की स्थिति को देखें तो झामुमो के पांच मंत्रियों के जिम्मे 66882.57 करोड़ रुपए का बजट है। यानी कि राज्य के कुल बजट की 73.27 प्रतिशत राशि झामुमो मंत्रियों के निर्देश पर खर्च होगी। वहीं, कांग्रेस के चार मंत्रियों के जिम्मे 23947.47 करोड़ का बजट है, जो कि कुल बजट का 26.23 प्रतिशत है। इसी तरह सरकार में राजद के एकमात्र मंत्री सत्यानंद भोक्ता के जिम्मे 446.96 करोड़ का बजट है। राज्य के कुल बजट 91277 करोड़ का मात्र 0.48 प्रतिशत ही उनके पास है। कांग्रेस के बन्ना गुप्ता की बजट में हिस्सेदारी 4.45% प्रतिशत, जोबा मांझी की 5.83% है। सत्यानंद भोक्ता के बाद हफीजल हसन अंसारी को सबसे कम बजट का हिस्सा मिला है। उनकी हिस्सेदारी 0.52 प्रतिशत ही है।





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