परीक्षा काे रद्द किया:सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा स्थगित होने से, 6500 स्टूडेंट्स में असमंजस : धनबाद
केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बाेर्ड (सीबीएसई) ने काेविड-19 के बढ़ते संक्रमण काे देखते हुए 10वीं की बाेर्ड परीक्षा काे रद्द कर दिया है, जाे 4 मई से 7 जून तक तय थी। इसके साथ ही 12वीं बाेर्ड परीक्षा काे अंतिम निर्णय हाेने तक स्थगित कर दिया है। 12वीं की परीक्षा 4 मई से शुरू हाेकर 14 जून तक हाेनी थी। अब एक जून काे स्थिति की समीक्षा की जाएगी। बाेर्ड ने स्पष्ट कर दिया है कि परीक्षा से कम से कम 15 दिन पहले सूचना दी जाएगी।
काेविड-19 के बढ़े संक्रमण काे देखते हुए धनबाद जिले में पहले ही बाेर्ड परीक्षा के लिए साल 2020 की तुलना में केंद्र बढ़ाए गए हैं। सीबीएसई की 10वीं व 12वीं बाेर्ड परीक्षा काे लेकर 6 केंद्र बढ़ाते हुए 25 केंद्र बनाए गए थे। 10वीं की परीक्षा में करीब 11800 व 12वीं में लगभग 6500 परीक्षार्थी शामिल हाेने हैं। 10वीं की परीक्षा ताे रद्द हाे गई है, लेकिन 12वीं की परीक्षा अंतिम निर्णय तक स्थगित हाेने के कारण 6500 बच्चाें में असमंजस की स्थिति बन गई है। परीक्षा स्थगित हाेने की खबर मिलते ही बुधवार काे स्कूल प्रधानाध्यापकाें और शिक्षकाें के फाेन घनघनाने लगे। स्टूडेंट्स घंटाें तक शिक्षक-शिक्षिकाओं से परीक्षा हाेने, नहीं हाेने काे लेकर बातचीत करते रहे।
प्राइवेट स्कूल एसाे ने उठाए सवाल
सीबीएसई की 10वीं बाेर्ड परीक्षा काे रद्द करने काे लेकर झारखंड प्राइवेट स्कूल एसाेसिएशन ने सवाल खड़े किए हैं। धनबाद जिला सचिव इरफान खान ने कहा कि काेरोना का बहाना बनाकर शिक्षा के साथ मजाक किया जा रहा है। चुनाव समय पर हो रहे हैं और परीक्षा को रद्द किया जा रहा है। बच्चों का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है। कोविड-19 के नियमों का पालन कराते हुए 10वीं बोर्ड ली जानी चाहिए। परीक्षा को रद्द करना समाधान नहीं है।
निराश नहीं हाें 12वीं के विद्यार्थी, करते रहें रिवीजन- सुमंत कुमार मिश्रा
सीबीएसई के सिटी काे-ऑर्डिनेटर सुमंत कुमार मिश्रा ने कहा कि स्थिति सही नहीं रह गई है, इसलिए बाेर्ड ने ऐसा निर्णय लिया है। बच्चाें की सुरक्षा सबसे जरूरी है, परीक्षा देर से भी संभव है। 12वीं के बच्चाें की परीक्षा थाेड़ी आगे बढ़ गई है, लेकिन बाेर्ड का यह निर्णय उनके ही हित में है। बच्चे निराश नहीं हाें और रिवाइज करते रहें। अभिभावक बच्चाें काे तनाव से बचाकर रखने की काेशिश करें। कई अभिभावकाें व बच्चाें ने खुद ही परीक्षा रद्द करने की मांग की थी।
मैट्रिक की भी परीक्षा रद्द करे झारखंड सरकार: महासंघ
काेराेना के बढ़ते संक्रमण काे देखते हुए वर्ष 2020 की तुलना में परीक्षा केंद्र बढ़ाते हुए मैट्रिक के 99 व इंटर के 88 केंद्र बनाए गए हैं। अब सीबीएसई के 10वीं के परीक्षा रद्द करने तथा 12वीं की परीक्षा आगे बढ़ाने के निर्णय काे देखते हुए झारखंड अभिभावक महासंघ ने मैट्रिक की परीक्षा रद्द करने की मांग की है। मुख्यमंत्री हेमंत साेरेन और विधायक जगरनाथ महताे से कोरोना महामारी की भयावता काे देखते हुए इंटरमीडिएट की परीक्षा काे अंतिम निर्णय लेने तक स्थगित करने की अपील की है।


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