'यास' छोड़ गया बर्बादी के निशान:लातेहार में 100 साल पुराना बरगद का पेड़ गिरा तो हजारीबाग में डायवर्सन बह गया, रांची में तैयार फसल हुए नाश, कई जिलों में गिरे मकान : रांची
चक्रवाती तूफान यास अब झारखंड से निकल कर बिहार का रुख कर लिया है। जाते-जाते यह झारखंड में बर्बादी के निशान छोड़ गया। राज्य में दो दिनों लगातार हुई भारी बारश के कारण कई जिलों में मकान धराशायी हुए तो कई जगह डायवर्सन बह जाने से कनेक्टिविटी समाप्त हो गई। वहीं रांची में किसानों के तैयार फसल बर्बाद हो गए। यास के कारण लातेहार के सदर प्रखंड के होटवाग गांव के उरांव टोला में बरगद का विशालकाय पेड़ गिर गया। हालांकि इस पेड़ के गिरने से कोई हताहत नहीं हुई। लेकिन आवागमन प्रभावित रहा। यह पेड़ लगभग 100 साल पुराना था। ग्रामीणों की मदद से पेड़ को काटकर हटाया गया।
हजारीबाग के कान्हाचट्टी कान्हाचट्टी से जिला मुख्यालय जोड़ने वाली सडक के बीच कान्हाचट्टी बाजार स्थिति रुदवा नदी पर पुलिया निर्माण का कार्य कराया जा रहा था। बारिश से इसका डाइवर्सन टूट गया। इससे आवागमन बाधित हो गया है। इसके कारण कान्हाचट्टी वासियो का संपर्क जिला मुख्यालय से कट गया है। ग्रामीण डीसी से इसे जल्द बनवाने की अपील कर रहे हैं।
रांची में तैयार सब्जियां हुई बर्बाद
पिछले 40 घंटों से लगातार हो रही बारिश से रांची के अनगड़ा, नामकुम, कांके और ठाकुरगांव में किसानों को भारी नुकसान हुआ है। यहां सैकड़ों एकड़ में लगी कोहड़ा, कद्दू, बोदी, तरबूज, बर्बाद हो गए। खेत में जलजमाव के कारण पूरी फसल बह गई। बारिश से फूलगोभी, पत्तागोभी, भिंडी, करेला, टमाटर, सहित अन्य सब्जियों को भी काफी नुकसान हुआ है।
लोहरदगा में दो महीने पुरानी सड़क हुई बेकार
लोहरदाग के बदला बैंक ऑफ इंडिया से बक्सी डीपा करंज बगान तक पहुंच पथ चक्रवात के कारण दो महीने में ही ध्वस्त हो गया। उक्त पथ निर्माण कार्य आरईओ विभाग से मन्तशा कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा कराया गया है। 1.8 किमी तक नया पथ निर्माण कार्य अभी मार्च 2021 में ही समाप्त हुआ है। जो ध्वस्त हुआ है।
24 घंटे के बाद नदी में फंसी बाराती वाहन को जेसीबी मशीन के मदद से निकाला गया धरधरी नदी में फंसे बाराती वाहन को 24 घंटे बाद नदी से बाहर निकाला गया। इसे जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया। बुधवार की शाम बारात लेकर जा रही एक बोलेरो तूपु हेसला गांव के पास धरधरी नदी में अचानक पानी बढ़ जाने से फंस गई थी। इसमें किसी प्रकार का कोई हताहत नहीं हुआ है।


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