कैसे आयुष्मान हों गरीब:झारखंड में आयुष्मान से जुड़े 759 अस्पताल, 40 हजार बेड; पर दूसरी लहर में सिर्फ 466 का इलाज, निजी अस्पतालों में 150 ही : रांची
कोरोना मरीजों के इलाज के नाम पर झारखंड के अस्पतालों ने सरकार की ओर से जारी आयुष्मान गोल्डन कार्ड को रद्दी साबित कर दिया है। आयुष्मान भारत योजना से राज्य में सूचीबद्ध (इम्पैनल्ड) 759 अस्पतालों ने मिलकर कोरोनाकाल के 386 दिनों (अप्रैल 2020 से 21 मई 2021 तक) में सिर्फ 1159 कोविड मरीजों का ही मुफ्त इलाज किया।
इनमें भी अधिकतर इलाज सरकारी अस्पताल में ही किए गए। राज्य के 484 निजी अस्पतालों में मात्र 450 कोविड मरीजों का ही इलाज किया गया। जबकि 759 अस्पतालों में 40 हजार बेड होने का दावा किया जाता है।
सबसे अधिक सूचीबद्ध रांची जिले के 92 निजी अस्पतालों ने कोरोनाकाल के दौरान सिर्फ 15 गोल्डन कार्डधारी का ही इलाज किया। जबकि सदर अस्पताल रांची ने 183 कोविड मरीजों का इलाज आयुष्मान योजना के तहत नि:शुल्क किया। कोरोना की दूसरी लहर (अप्रैल-मई) जब ज्यादा खतरनाक रही, तब राज्य में मात्र 466 लोगों को आयुष्मान भारत का लाभ मिला।
निजी अस्पतालों में सिर्फ 150 काे ही इलाज मिला। बीते एक अप्रैल से लेकर 20 मई तक 200683 कोरोना केस मिले। राज्य सरकार के मुताबिक इनमें से 20 हजार लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने की जरूरत पड़ी। जबकि मात्र 466 को ही आयुष्मान का लाभ मिला। यानी 0.023 प्रतिशत। योजना के तहत कोविड मरीजों का पांच लाख रुपए तक मुफ्त इलाज हो सकता है।
झारखंड मेंे 57.15 लाख परिवारों के 88.47 लाख लोगों के पास आयुष्मान योजना के तहत जारी गोल्डन कार्ड हैं।
दूसरी लहर के 60 दिनों में मात्र 0.023% कोविड मरीजों का इलाज
पहली-दूसरी लहर में हाल
- * पहली लहर में 1159 काे मिला इलाज, यानी 3.62%
- * दूसरी लहर में 466 लोगों का इलाज, यानी 0.023%
राज्य में कोविड के इलाज के आंकड़ों को ऐसे समझें
झारखंड में करीब 2.93 लाख लोग ठीक हो चुके हैं और 26511 एक्टिव मामले हैं। यानी अब तक कोरोना के 3.24 लाख केस मिले। सरकार के मुताबिक इनमें केवल 10-20% मरीजों को ही अस्पताल में भर्ती होने की ज़रूरत पड़ती है। इस लिहाज से करीब 32 हजार लोगों को अस्पताल में भर्ती होने की जरूरत पड़ी। पर सरकारी आंकड़ों के अनुसार उनमें शामिल केवल 1159 मरीजों को ही इस योजना का लाभ मिला। यानी 3.62% को ही।
- * झारखंड में आयुष्मान योजना से जुड़े हैं 220 सरकारी, 484 प्राइवेट और 55 केंद्रीय अस्पताल
- * राज्य में आयुष्मान योजना का लाभ 57.15 लाख परिवारों को, जबकि 88.47 लाख गोल्डन कार्डधारी
3 सालों में निजी अस्पतालों को 542 करोड़ मिले, पर सेवा से पीछे हट रहे
लोगों का आरोप है कि 3 साल में आयुष्मान के तहत इलाज के लिए निजी अस्पतालों को 542 करोड़ रु. मिले, पर सेवा की बारी आई तो पीछे हट रहे हैं।


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