सड़कों पर सुबह रौनक, तीन बजे के बाद सन्नाटा
कोरोना के बढ़ते संक्रमण को देखते हुए लगे लॉकडाउन बेवजह सड़कों पर निकलने वालों की संख्या कम हुई है। घर से बाहर निकलने के लिए ई-पास की अनिवार्यता से सख्ती में और भी इजाफा हुआ है। ऐसे लोग भी दोपहर तीन बजे के बाद बाहर निकलने से परहेज कर रहे हैं। सुबह के वक्त सब्जी बाजारों में लोगों की भीड़ देखने को मिलती है, लेकिन 12 बजे के बाद सब्जी बाजार में भीड़ कम होने लगती है।
सुबह के समय जो रौनक सड़कों पर दिखने को मिलती है, वह दोपहर दो बजे के बाद सन्नाटा में बदल जाती है। सरकार के जारी निर्देशों का पालन कराने के लिए पुलिस बल के जवानों ने सड़कों पर मोर्चा संभाल रखा है। जगह-जगह पर पुलिस बल के जवान अनावश्यक रूप से खुली दुकानों को बंद कराया। सड़क पर बेवजह घूमने वाले लोगों पर भी थोड़ी सख्ती बरती गई।
इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वैश्विक महामारी कोरोना के बढ़ते संक्रमण को कम करने के लिए वह लोग सड़क पर आए हैं। उनकी लोगों से अपील है कि सभी लोग घर में रहे और सरकार की गाइडलाइन का सख्ती से पालन करें।
काम के इंतजार में बैठे रहे मजदूर : चास के चेक पोस्ट, धर्मशाला मोड़ व योधाडीह मोड़ में सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों से काम करने आए अधिकांश मजदूर काम न मिलने से वापस लौट गए। रोजाना शहर में काम करने के लिए सैकड़ों मजदूर ग्रामीण क्षेत्रों से आते हैं, लेकिन लॉकडाउन में उन्हें काम नहीं मिल पा रहा है।
जिस कारण काफी देर तक मजदूर काम के इंतजार में सड़क किनारे बैठे रहते हैं। जब कोई काम नहीं मिला तो धीरे-धीरे घर चले जाते हैं।


Leave Comments
एक टिप्पणी भेजें