पहली बार कोरोना के माहौल में ऐसी पहल:कल्याण विभाग के 136 आवासीय स्कूलों के 21 हजार छात्रों को, दिया जाएगा टैब : रांची - AKB NEWS

पहली बार कोरोना के माहौल में ऐसी पहल:कल्याण विभाग के 136 आवासीय स्कूलों के 21 हजार छात्रों को, दिया जाएगा टैब : रांची


 कल्याण विभाग के 136 आवासीय विद्यालयों के 21 हजार छात्रों को राज्य सरकार टैब देगी। ये टैब पहली से 12वीं कक्षा तक के सभी छात्रों को दिए जाएंगे। इसमें सिम के साथ एक साल के लिए इंटरनेट पैक भी रहेगा, जिनमें राेजाना दाे जीबी डाटा नि:शुल्क मिलेगा। सभी कक्षाओं के छात्रों के लिए टैब में अलग-अलग लर्निंग मैटेरियल रहेंगे। ऑडियाे-विजुअल मैटेरियल भी रहेगा।

अगर ऑनलाइन कक्षा के दौरान कोई बच्चा जुड़ नहीं पाया तो वह लर्निंग मैटेरियल के माध्यम से भी अपनी पढ़ाई पूरी कर पाएगा। एक टैब पर 12 हजार रुपए खर्च हाेने के अनुमान है। इस तरह पूरी योजना पर करीब 25 करोड़ रुपए खर्च होंगे। कल्याण मंत्री चंपई सोरेन ने इस प्रस्ताव पर सहमति दे दी है। वित्त विभाग की मंजूरी के बाद कैबिनेट में यह प्रस्ताव भेजा जाएगा। कोरोना के दौर में स्कूल बंद रहने के कारण टैब ही बच्चों का एक मात्र आसरा है, उसी की जरिए ऑनलाइन पढ़ाई हो पाएगी।

टैब में यह सुविधा... दो जीबी डाटा रोज मिलेंगे

  • * सिम के साथ एक साल तक का इंटरनेट पैक भी हाेगा, राेज मिलेगा दाे जीबी डाटा
  • * टैब में हाेगा लर्निंग मैटेरियल, ऑनलाइन क्लास में नहीं जुड़ पाए तोे इससे पढ़ सकेंगे कल्याण मंत्री ने प्रस्ताव पर दी सहमति, वित्त विभाग की मंजूरी के बाद कैबिनेट में भेजा जाएगा

पढ़ाई ठप हाेने के बाद सरकार की पहल

आवासीय विद्यालयों की स्थापना के बाद वहां पढ़ने वाले छात्रों को पहली बार टैब मिल रहा है। पहले ऐसी कोई योजना नहीं थी। लेकिन कोरोना काल में जिस तरह से बच्चों की पढ़ाई पर ब्रेक लगी, उसे देखते हुए राज्य सरकार ने यह पहल की है। 17 मार्च के बाद से इन स्कूलों के बच्चों की पढ़ाई बाधित है। पिछले 15 महीने से ये सभी बच्चे अपने-अपने घरों पर हैं। कोरोना के कारण स्कूल की सारी गतिविधियां ठप पड़ी हुई हैं। बगैर परीक्षा दिए ये अगली कक्षा में प्रोन्नत हो चुके हैं। पर, इन्होंने इस अवधि में एक भी दिन ऑफलाइन या ऑनलाइन पढ़ाई नहीं की है।

टैब के लिए केंद्र से मांगे थे पैसे, पर नहीं मिले

राज्य सरकार ने कोरोना की पहली लहर के समय इन बच्चों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं शुरू करने का विचार किया था। लेकिन अधिकतर बच्चों के परिजनों के पास स्मार्ट फोन नहीं होने के कारण ऑनलाइन पढ़ाई शुरू ही नहीं हो पाई। इसके बाद राज्य सरकार ने टैब के लिए केंद्र से पैसे मांगे, लेकिन नहीं मिले।

12 हजार रुपए में एक टैब, कुल 25 करोड़ रुपए खर्च होंगेे

शिक्षा विभाग के 40 हजार स्कूलाें में 40 लाख बच्चे पढ़ते हैं। इनमें लाखाें बच्चाें के अभिभावकाें के पास स्मार्ट फाेन नहीं हैं। राज्य में गूगल मीट के जरिए ऑनलाइन क्लास चलाए जा रहे हैं, लेकिन इनमें 28 प्रतिशत बच्चे ही भागीदारी कर रहे हैं। सरकार अगर एक कदम और आगे बढ़ाए, सभी सरकारी स्कूलों के बच्चों को टैब दे तो उनके लिए बड़ी आसानी होगी। वे भी कोरोना के माहौल में पढ़ सकेंगे। अभी सरकार कल्याण विभाग के स्कूलों के बच्चों को टैब देने पर 25 करोड़ रुपए खर्च कर रही है। हालांकि प्रस्ताव में कहा गया है कल्याण विभाग के आवासीय स्कूलों के छात्रों पर सालाना 70 करोड़ रुपए खर्च होते हैं। स्कूल 15 महीने से बंद है। इन पर कोई भी खर्च नहीं हो रहा है। इसलिए इन पैसों का इस्तेमाल टैब की खरीदारी में की जा सकती है।

इधर, एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूल के 3276 छात्रों को केंद्र देगा टैब

झारखंड के सात एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में पढ़नेवाले 3276 छात्रों को भी केंद्र सरकार टैब देगी। ये सभी बच्चे छठी से 12वीं तक के छात्र हैं। सितंबर 2020 में ही केंद्र सरकार को इन बच्चों के बारे में पूरी जानकारी भेज दी गई है।

Previous article
Next article

Leave Comments

एक टिप्पणी भेजें

Articles Ads

Articles Ads 1

Articles Ads 2

Advertisement Ads