बच्ची में बौनेपन का अनोखा मामला:खिलौने से भी छोटी बच्ची की कहानी, जिसकी लम्बाई कभी 24 इंच से अधिक नहीं बढ़ पाएगी; जन्म के समय वजन मात्र 1 किलो था - AKB NEWS

बच्ची में बौनेपन का अनोखा मामला:खिलौने से भी छोटी बच्ची की कहानी, जिसकी लम्बाई कभी 24 इंच से अधिक नहीं बढ़ पाएगी; जन्म के समय वजन मात्र 1 किलो था


 दो साल की अबीगेल अभी भी एक नवजात बच्चे के कपड़े पहनती है। अबीगेल का वजन महज 3.18 किलो है। डॉक्टर्स का कहना है, वह खास तरह के बौनेपन से जूझ रही है। इस वजह से उसकी लम्बाई 24 इंच से अधिक नहीं बढ़ सकेगी। अबीगेल की मां एमिली ली कहती हैं, वह एक दिन में मात्र 2 ग्राम बढ़ती है। उसके कई खिलौने भी उससे बड़े हैं। डॉक्टर्स का कहना है, अबीगेल को माइक्रोसिफेलिक ऑस्टियोडेसप्लास्टिक प्राइमोर्डियल ड्वारफिज्म टाइप-2 नाम की बीमारी है।

अबीगेल की मां एमिली और पिता ब्रायन।
अबीगेल की मां एमिली और पिता ब्रायन।

जन्म के समय मात्र 1.3 किलो की थी
अमेरिका के लूसियाना में रहने वाली एमिली कहती हैं, बेटी की बढ़ने की रफ्तार इतनी धीमी है इसकी जानकारी तब मिली जब वो कोख में थी, लेकिन उसे कोई बीमारी है इसकी कोई जानकारी नहीं थी। समय के मुताबिक, वो दूसरे भ्रूण की तरह नहीं बढ़ रही थी। डिलीवरी के बाद उसका वजन मात्र 1.3 किलो था। वह सामान्य बच्चों की तरह खाती-पीती है, लेकिन दो साल के बच्चों की तरह एक्टिविटी नहीं कर पाती है।

सामंथा अपनी छोटी बहन अबीगेल का पूरा ध्यान रखती है।
सामंथा अपनी छोटी बहन अबीगेल का पूरा ध्यान रखती है।

डिलीवरी के 8 हफ्ते बाद बीमारी पता चली
एमिली का कहना है, जन्म के 8 महीने बाद डॉक्टर्स ने देखा कि बच्ची की लम्बाई नहीं बढ़ रही है। जांच के बाद बीमारी सामने आई। हमने इससे पहले बच्चों की इस बीमारी का नाम नहीं सुना था। घर में कभी किसी सदस्य को ऐसी बीमारी नहीं थी। हमारी पहली बेटी भी सामान्य थी।

एमिली कहती हैं, अबीगेल इतनी छोटी है कि बार्बी के टॉयज पर वो बैठती है।
एमिली कहती हैं, अबीगेल इतनी छोटी है कि बार्बी के टॉयज पर वो बैठती है।

चलने-फिरने में परेशानी
एमिली कहती हैं, वह स्वस्थ है लेकिन कूल्हे अपनी जगह से खिसकने के कारण वह आमबच्चों की तरह चल-फिर नहीं पाती है। वह जमीन पर खिसक-खिसककर चलती है। उसकी इस हालत का इलाज किया जा रहा है।

आंखों का लेंस ढूंढने में दिक्कत हो रही
एमिली के मुताबिक, अबीगेल आंखों में रोशनी की कमी से भी जूझ रही है। वो अभी भी उसके लिए ऐसा लेंस ढूंढ रही हैं जो उसकी आंखों में फिट हो सके। उसे सामान्य जीवन जीने में उसकी बड़ी बहन सामंथा मदद करती है क्योंकि वह जानती है कि अबीगेल को कब किस चीज की जरूरत है।

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