झारखंड में नया विवाद:राजभवन ने मांगी नियमावली की फाइल, कल्याण विभाग ने पहले ही गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी : रांची - AKB NEWS

झारखंड में नया विवाद:राजभवन ने मांगी नियमावली की फाइल, कल्याण विभाग ने पहले ही गठन की प्रक्रिया शुरू कर दी : रांची


 झारखंड में ट्राइबल एडवाइजरी कमेटी (टीएसी) के गठन पर नया विवाद शुरू हाे गया है। राज्यपाल द्राैपदी मुर्मू ने सरकार से नई नियमावली की फाइल मांगी ताे सरकार ने टीएसी के गठन और उसमें सदस्याें काे नामित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। कल्याण विभाग ने टीएसी की नई नियमावली की अधिसूचना का गजट प्रकाशित हाेने के बाद इसके गठन का प्रस्ताव तैयार कर फाइल विभागीय मंत्री चंपई साेरेन के पास भेज दी है। मंत्री की मंजूरी के बाद उसे मुख्य सचिव के माध्यम से मुख्यमंत्री के पास भेजा जाएगा।

सूत्राें का कहना है कि नई नियमावली की फाइल अलग है। उसे ही राजभवन काे भेजा जाएगा। नई नियमावली के मुताबिक टीएसी के गठन में राज्यपाल की भूमिका खत्म कर दी गई है। सारे अधिकार मुख्यमंत्री के पास सिमट गए हैं। सदस्याें की नियुक्ति का अनुमाेदन भी मुख्यमंत्री ही करेंगे। उनकी स्वीकृति के बाद ही टीएसी गठित हाेगी। पहले यह अधिकार राज्यपाल के पास था।

राजभवन ने 7 जून काे मांगी थी फाइल

टीएसी की नई नियमावली की अधिसूचना 4 जून काे जारी हुई थी। इस नियमावली पर विवाद हाेने के बाद राजभवन ने 7 जून काे सरकार से टीएसी गठन की नियमावली संबंधी फाइल मांगी। राजभवन ने लिखा-राज्यपाल ने टीएसी की नई नियमावली के गठन से संबंधित मूल फाइल के अवलाेकन की इच्छा जताई है। इसलिए फाइल राज्यपाल के अवलाेकन के लिए उपलब्ध कराएं।

राज्यपाल काे भेजे बिना बनाई नियमावली, तभी से विवाद
राज्य सरकार ने अक्टूबर 2020 में टीएसी गठन का प्रस्ताव राज्यपाल काे भेजा था। इसमें सीएम अध्यक्ष, जनजातीय कल्याण मंत्री चंपई सोरेन उपाध्यक्ष और 16 विधायकों को सदस्य रखा गया था। वहीं नामित सदस्य में चार और विशेष आमंत्रित सदस्य में एक नाम था।

राजभवन ने आपत्तियों के साथ इसे वापस कर दिया था। फिर दिसंबर में फाइल राज्यपाल को भेजी गई। राजभवन ने यह कहते फाइल लौटा दी कि पहले संबंधित एजेंसी से नामित सदस्यों और आमंत्रित सदस्य का चारित्रिक प्रमाण पत्र लिया जाए। इसके बाद सरकार ने महाधिवक्ता की राय लेकर नियमावली बना दी। तभी से विवाद शुरू हाे गया।

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