दही-हांडी उत्सव कैंसिल; सूर्य मंदिर में राधा-कृष्ण सजाओ प्रतियोगिता भी रद्द
जन्माष्टमी पर 12 अगस्त को इस बार भक्त बाल गाेपाल के दर्शन नहीं कर सकेंगे। राज्य सरकार ने संक्रमण फैलने के डर से मंदिरों को खोलने की अनुमति नहीं दी है। जिला प्रशासन ने भी मंदिर समिति को बंद रखने को कहा है। यह पहला मौका है, जब जन्माष्टमी पर गोविंदा के द्वार भक्तों के बंद रहेंगे। वहीं, इसबार शहरवासियों को गोविंदा आला की आवाज सुनने को नहीं मिलेगी।
वायरस के कारण समिति ने दही-हांडी उत्सव नहीं मनाने का फैसला किया है। कृष्ण ब्वॉयज कमेटी, छोटा गोविंदपुर के संरक्षक बंटी सिंह ने कहा कि सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है। इस पर पुनर्विचार नहीं होगा। हालांकि, कृष्ण जन्माष्टमी की पूजा सादे तरीके से होगी। जन्माष्टमी 11 अगस्त और नंदोत्सव 12 अगस्त काे मनाया जाएगा।
न कोई कार्यक्रम और न ही शोभायात्रा निकलेगी
मंदिर के द्वार भक्तों के लिए बंद हैं। हालांकि, सुकून की बात यह है कि लोग ऑनलाइन प्रभु के दर्शन कर पा रहे हैं। जन्माष्टमी पर भी लोग ऑनलाइन ही प्रभु के दर्शन कर सकेंगे। जन्माष्टमी के अगले दिन नंदोत्सव पर भी कार्यक्रम नहीं हाेगा और न ही शोभायात्रा निकाली जाएगी।
यहां हाेती थी मटकी फोड़ प्रतियोगिता : सनराइजिंग क्लब, सोनारी, प्रभु प्रेमी संघ कागलनगर, गांधी क्लब सोनारी, योग वेदांत सेवा समिति, डिमना, जलाराम मंदिर, बिष्टुपुर।
from Dainik Bhaskar

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