जुलूस के दौरान उपद्रव के सात आरोपी गए जेल... अंधेरे में पॉलिथीन से भरा पेट्रोल पुलिस पर फेंका था
हजारीबाग की छात्रा सलीना यासमीन कांड के विरोध में रविवार शाम में निकाले जाने वाले जुलूस को लेकर पुलिस ने अपनी प्राथमिकी में बड़ा खुलासा किया है। कहा है कि जुलूस के दौरान बिजली विभाग को गुमराह कर लाइन कटवाने के बाद अंधेरे का लाभ उठाकर पॉलिथीन में पेट्रोल भरकर पुलिस के ऊपर फेंका गया। पुलिस पर पथराव किया गया। इसमें कई पुलिसकर्मी चोटिल हुए वही महिला कर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया। घटनास्थल से पेट्रोल भरा पॉलिथीन भी बरामद किया गया है।
पुलिस ने समय रहते हालात को नियंत्रित किया अन्यथा पॉलिथीन में भरे पेट्रोल फेंके जाने से आग लगने का खतरा प्रबल था। कई लोग और घर इस आग की चपेट में आते। थाने में दिए गए आवेदन में कहा गया है कि जुलूस में शामिल लोग घातक हथियारों से लैस थे। वे अपने साथ शहर में दंगा फैलाने के लिए प्लास्टिक पेट्रोल बम लेकर आए थे। दंडाधिकारी की मौजूदगी में पुलिस ने करीब आधा दर्जन पेट्रोल बम बरामद किया है। इस बाबत कटकमसांडी थाना में कांड संख्या 279 / 20 दर्ज किया गया है। पुलिस ने पथराव में शामिल उपद्रवी और लोगों को उकसाने को लेकर मो. शमशाद , मनौव्वर हुसैन, मुख्तार अंसारी, मो. नईम, मो. मंजूर आलम, मो. इरशाद और जफर को जेल भेजा है। इन लाेगाें के अलावा अतिया गांव के मो. शमीम, मंगल मैरिज होम चान्हो के मोनालिसा लकड़ा, रोमी के मुनव्वर हुसैन, मेजर उर्फ सुभानी खान, मुस्लिम लीग हजारीबाग के अध्यक्ष एहसानूल हक, परवेज खान, सोनू इब्राहिल, अली रजा, सजल इराकी, एहतेशाम इराकी, मनीष ठाकुर, अब्दुल रज्जाक, शहबाज अंसारी, सहजाद खान, सहित 47 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। इसके अलावा 350 अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। वीडियो और फोटोग्राफ से लोगों की पहचान की जा रही है। उपद्रव में पांच पुलिसकर्मी घायल हुए। इनमें पीएसआई अरविंद कुमार, अब्दुल सत्तार, जमादार राजेंद्र प्रसाद, वीरेंद्र राम और रुस्तम अली शामिल हैं। एफआईआर में घटनाक्रम का विस्तृत उल्लेख है जिसमें की और गंभीर आरोप उल्लिखित हैं।
from Dainik Bhaskar

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