कोरोना टेस्ट अभियान आज, सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक सेंटर में कराएं जांच
जिले के 30 स्थानों पर आज 80 टीमें 10 हजार लोगों का रैपिड एंटीजेन जांच करेंगी। यह जांच सुबह 10 बजे से दोपहर तीन बजे तक चलेगी। नजदीक के सेंटर में कोई भी आम आदमी जांच करा सकता है। डीसी सूरज कुमार ने सोमवार को उपायुक्त कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में कहा- पहले दिन 10 हजार लोगों के टेस्ट का लक्ष्य है। वहीं कोविड 19 में सहयोग करने के लिए शहर के औद्योगिक घरानों व नर्सिंग होम संचालकों के साथ रवींद्र भवन सोसाइटी सभागार में अलग से बैठक की थी।
इस दौरान कॉरपोरेट सेक्टर से सीएसआर के तहत कोरोना के जंग में सहयोग करने पर सहमति बनी। निजी व नर्सिंग होम का संचालन करने वालों को सरकार के आदेश बता हिदायत दी। बैठक में औद्योगिक प्रतिष्ठान के प्रतिनिधि थे, तय किया कि कंपनियां सहयोग राशि प्रदान देंगी। ऑक्सीजन कंसन्ट्रेटर, एंबुलेस, मेडिकल किट, अतिरिक्त स्वास्थ कर्मियों व सफाई कर्मियों का मानदेय व अन्य आवश्यकताओं में प्रशासन का सहयोग करेंगी।
इन स्थानों पर चलेगा जांच अभियान
शास्त्रीनगर तरूण सिंह स्कूल व रामनगर सामुदायिक विकास भवन
सोनारी गुजराती संघ नर्स क्वार्टर व सबुज संघ ईस्ट ले आउट
बिष्टुपुर धातकीडीह ठक्कर बापा मैदान व केएमपीएम इंटर कॉलेज
साकची स्थित गुजराती स्कूल
गोलमुरी स्थित केरला समाजम मॉडल स्कूल
सीतारामडेरा स्लैग रोड स्थित तुरी भवन
टेल्को का वरिष्ठ नागरिक भवन
लक्ष्मीनगर का स्वास्थ्य केंद्र
बर्मामाइंस का फाउंड्री मिडिल स्कूल
आजादनगर का उर्दू मध्य विद्यालय
बावनगोड़ा ओल्ड पुरूलिया रोड
मानगो गांधी मैदान स्थित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी स्कूल
आरवीएस स्कूल नियर डिमना चौक
स्वास्थ्य केंद्र व एसबीएम हाई स्कूल पोस्ट आफिस रोड
जुगसलाई का एमई स्कूल
बिरसानगर जोन वन बी व जोन पांच का स्वास्थ्य केंद्र
स्वास्थ्य केंद्र बालीगुमा
सिदगोड़ा में बागुनहातू स्वास्थ्य केंद्र
ग्रामीण इलाके के स्वास्थ्य केंद्र में होगी जांच
सौ बेड के कोविड सेंटर की स्थापना करेगी कंपनी
बैठक में डीसी ने कहा - सभी कंपनी अपने कर्मचारियों व क्षेत्र के लोगों के लिए 100 बेड क्षमता वाले कोविड केयर सेंटर बनाएंगी। बैठक में 17 औद्योगिक प्रतिष्ठान के प्रतिनिधि थे, सबने बनाने में हामी भरी। ताकि प्रशासन द्वारा बनाए कोविड केयर सेंटर, डेडिकेटेड कोविड अस्पताल में मरीज की संख्या कम हो। कंपनी को स्वास्थ्य जांच कैंप लगाने को भी कहा।
भर्ती नहीं लेने पर नियंत्रण कक्ष को करें शिकायत
बकौल डीसी निजी अस्पताल व नर्सिंग होम ने किसी भी मरीज को कोविड का संदिग्ध बता भर्ती नहीं किया तो संचालक के खिलाफ केस दर्ज करेंगे। अगर कोई नर्सिंग होम मरीज को भर्ती करने से इनकार करता है तो उसकी सूचना जिला नियंत्रण कक्ष को दें। निजी अस्पताल व नर्सिंग होम आइसोलेशन वार्ड बनाए ताकि संदिग्धों का वहां इलाज हो सके। किसी अस्पताल का डॉक्टर व पारा मेडिकल स्टाफ पॉजिटिव है तो अस्पताल बंद नहीं होगा, सैनेटाइज होगा।
नर्सिंग होम में संक्रमितों के लिए अलग से बेड रखने की दी हिदायत, नहीं तो केस
डीसी ने कहा- नर्सिंग होम संसाधन का 85% सामान्य मरीजों व 15% कोविड मरीजों के लिए संरक्षित रखेंगे। नियमित ओपीडी का संचालन करेंगे। निजी प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टर क्लिनिक खोलेंगे। अगर एेसा नहीं किया तो नर्सिंग होम संचालकों के खिलाफ डीएम एक्ट के तहत केस करेंगे। बैठक में 35 नर्सिंग होम के संचालक थे।
from Dainik Bhaskar

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