कोविड अस्पताल में अब तक 6 की मौत, सभी को सांस लेने में थी तकलीफ...काेविड अस्पताल में भर्ती छह संक्रमिताें की अब तक माैत हाे चुकी है
जीतेंद्र कुमार, काेराेना वायरस का संक्रमण धनबाद में बढ़ता जा रहा है। काेविड अस्पताल में भर्ती छह संक्रमिताें की अब तक माैत हाे चुकी है। इन सभी काे सांस लेने में परेशानी थी। माैत के बाद अक्सर परिजन आराेप लगाते हैं कि मरीज की गंभीरता काे डाॅक्टराें ने ठीक से समझा ही नहीं और इसलिए ढंग से इलाज भी नहीं हाे सका। हाई रेजाेल्यूशन काॅम्प्यूटेड टाेमाेग्राफी (एचआरसीटी) स्कैन से स्पष्ट हाे सकता है कि किसी मरीज के फेफड़े में संक्रमण का स्तर क्या है- माइल्ड, माॅडरेट या फिर सीवियर।
सेंट्रल हाॅस्पिटल में स्थापित विशेष काेविड-19 अस्पताल में सेवा दे चुके आईएमए सचिव डाॅ सुशील कहते हैं कि यह वायरस स्वांस काेशिकाओं, जैसे नाक, मुंह के माध्यम से शरीर में प्रवेश करता है। इन्हीं काेशिकाओं में वायरस बढ़ता है और और धीरे-धीरे फेफड़ाें तक पहुंच जाता है। फिर यह फेफड़े तक ऑक्सीजन पहुंचने के रास्ते काे अवरुद्ध कर देता है, जिससे मरीज काे सांस लेने में परेशानी हाेने लगती है। ऐसी स्थिति में मरीज काे विशेष इलाज, जैसे वेंटिलेटर, सी पैप या बाई पैप मशीन के जरिए पर्याप्त ऑक्सीजन देने, उपयुक्त मेडिसीन की जरूरत पड़ती है। इसमें एचआरसीटी स्कैन की भूमिका काफी महत्वपूर्ण है।
from Dainik Bhaskar

Leave Comments
एक टिप्पणी भेजें