जनता का छोटा से छोटा काम भी नहीं हो पा रहा, विकास व रोजगार पर भी असर
कोरोना ने सांसद-विधायक फंड को भी लॉक कर दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही सांसद फंड पर दो साल तक रोक लगा चुके हैं। इधर, झारखंड सरकार ने भी विधायक फंड रोक दी है। इन फंडों को कोरोना नियंत्रण में लगाने की बात कही गई है। फंड नहीं होने के कारण विधायक अपने क्षेत्र में जनता के छोटे-मोटे काम भी नहीं करा पा रहे हैं।
इसलिए, अब वे सरकार से विधायक फंड से कम से कम राशि खर्च करने की अनुमति मांग रहे हैं। इसके पीछे तर्क है कि इससे जनता को दो फायदे होंगे। पहला यह कि राज्य में विकास की गति जो थम सी गई है, उसमें थोड़ी गति आएगी। दूसरा राज्य के सभी 81 विधानसभा क्षेत्रों के मजदूरों को अतिरिक्त काम मिलेगा। वैसे विधायक फंड पर लगी रोक हटाने के लिए सरकार में मंथन भी शुरू हो गया है, पर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री को ही लेना है।
कहां खर्च होता है फंड
राज्य के विधायक और सांसद अपने फंड का इस्तेमाल नाली सड़क, कल्वर्ट, पुलिया व पेयजल सुविधा समेत अन्य सामुदायिक कार्यों पर सबसे ज्यादा खर्च करते हैं।
रोक हटने के बाद...विधायकों को तय करना होगा कहां और कितना खर्च करें
राज्य सरकार की पहल पर विधायकों ने अपने वार्षिक फंड से 25-25 लाख रुपए सरकार को दिए हैं। ये राशि कोरोना संक्रमण के दौरान विभिन्न राज्यों से झारखंड के मजदूरों या राज्य में रह रहे वैसे मजदूर जिनके परिवार में कोई कमाने वाला नहीं है, उन पर खर्च की गई है। कोरोना के नाम पर ये राशि विधायक अपनी ओर से खर्च कर सके हैं, अब जबकि विधायक फंड पर लगी रोक हटाई जाएगी, तब विधायकों को यह तय करना पड़ेगा कि वे अपने निर्धारित कोष से कितनी राशि कोरोना संक्रमण से निबटने या फिर इससे जुड़े कार्यों पर खर्च करते हैं और कितनी राशि दूसरे कार्यों पर।
आलमगीर, लंबोदर व अनंत बोले- 25-25 लाख मजदूरों को दिए
ग्रामीण विकास मंत्री आलमगीर आलम, झामुमो के सीनियर लीडर पूर्व मंत्री स्टीफन मरांडी, आजसू पार्टी के विधायक डॉ. लंबोदर महतो और भाजपा विधायक अनंत ओझा ने भास्कर से बातचीत में बताया कि उन्होंने डीडीसी के माध्यम से प्रवासी मजदूरों के खाते में एक-एक या दो -दो हजार रुपए भेज दिए हैं। उन्होंने अपने विधायक फंड से 25-25 लाख रुपए भेजे हैं। मजदूरों को राशि भेजने के लिए संबंधित जिले के डीडीसी को अनुशंसा भेजी गई थी। जिसमें मजदूरों की सूची में उनके नाम के साथ बैंक का नाम, बैंक का आईएफसी कोड और आधार कार्ड नंबर दिए गए थे।
विजय हांसदा बोले...फिलहाल 2 साल तक सांसद फंड में नहीं मिलेगी राशि
झामुमो के नेता और सांसद विजय हांसदा ने सांसद फंड के बारे में पूछे जाने पर कहा कि केंद्र सरकार का निर्णय है कि फिलहाल 2 साल तक सांसद फंड में राशि नहीं मिलेगी। 2 साल बाद की स्थिति क्या होगी यह अभी से नहीं कहा जा सकता है। अभी यह भी तय नहीं नहीं है कि बाद में भी वह राशि मिलेगी या नहीं।
कोरोना के कारण रोक है...
चालू वित्त वर्ष में सभी विधायकों के फंड में 4-4 करोड़ रुपए दे दिए गए हैं। लेकिन, कोविड-19 की वजह से फराशि निकासी पर रोक है। वैसे इसी राशि में से सभी विधायकों ने 25 -25 लाख रुपए प्रवासी मजदूरों के लिए दिए हैं। सिर्फ यही राशि खर्च की गई है।
-आलमगीर आलम, मंत्री ग्रामीण विकास विभाग
from Dainik Bhaskar

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