तैरना नहीं जानते थे...सुवर्णरेखा नहाने गए पांच दोस्तों में दो डूबे; दोनों 10वीं के छात्र, एक एएसआई का बेटा
साकची सुवर्णरेखा नदी में नहाने के लिए गए दो छात्र अमन कुमार सिंह और सुमन कुमार डूब गए। अमन सिंह झारखंड पुलिस के एएसआई मनोज कुमार सिंह का इकलौता पुत्र था। फिलहाल मनोज कुमार सिंह धनबाद में पदस्थापित हैं। सोनारी कुंजनगर के पांच दोस्त अमन, सुमन, आयुष कुमार, रंजीत कुमार और सागर धीवर दोपहर लगभग 12 बजे दो मोटरसाइकिल से घरों से निकले। वे लोग नदी में नहाने के लिए पहले दोमुहानी गए। वहां छात्रों ने निर्णय लिया कि वे लोग साकची सुवर्णरेखा नदी में स्नान करेंगे। डेढ़ बजे सुवर्णरेखा नदी पहुंचे, गाड़ी को किनारे लगाई और पांचों नदी में उतरे।
नदी में उतरकर आगे बढ़े तबतक नदी के बहाव में सभी बहने लगे। तेज बहाव में फंसते ही दोस्तों में अफरा-तफरी मच गई। सभी ने बचने का प्रयास किया। तेज बहाव में अमन और सुमन बह गए जबकि अन्य तीनों किसी तरह बाहर निकलने में कामयाब हो गए। बच कर निकले तीनों छात्र अपने साथियों की खोजबीन में लगे थे। नदी के तट पर खड़े लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। गोताखोरों के प्रयास के बावजूद भी डूबे छात्रों का पता नहीं चल पाया है। देखें पेज-5
बचकर निकले छात्र ने बताई आपबीती... गहरी खाई आ गई, अचानक हम लोग बहने लगे, कोई तैरना नहीं जानता था
आयुष कुमार ने बताया कि हम पांचों दोस्त सुबह 9 बजे ही नदी में मस्ती करने की प्लानिंग की। दोपहर 12 बजे हम जूस लाने जा रहे हैं,बोलकर घर से निकले। पांचों दोस्त घर के सामने इक्ट्ठा हुए, हमने अपने चाचा की गाड़ी ली और अमन अपने पिता की गाड़ी लेकर निकला। साकची आते ही हम लोगों का मन हुआ कि पुल के नीचे का पानी साफ है, यहीं नहाते हैं। एक दूसरे का हाथ पकड़कर नदी में उतरे। हम लोगों को तैरना नहीं आता था। अमन और सुमन आगे थे, हम तो पीछे थे। लगभग 50 मीटर आगे बढ़े कि आगे गहरी खाई थी। अचानक बहने लगे। मैंने सुमन का हाथ पकड़ा था। मुझको लगा कि हम सब डूब जाएंगे। सुमन को अपनी ओर खींचने की कोशिश की लेकिन वह तेज बहाव में बह गया। सागर ने रंजीत को खींचकर किनारे पर ले आया। लेकिन हमारा दोस्त नदी में डूब गया।
from Dainik Bhaskar

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