रिम्स ने परिजन से कहा... अपने साथ ले जाएं संक्रमित का शव, जिला प्रशासन कराता है अंतिम संस्कार
ये लापरवाही कहीं दूसरों की जान न ले ले... राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स पर अक्सर लापरवाही बरतने के आरोप लगते रहते हैं। ताजा मामला शनिवार का है जब एक कोरोना पॉजिटिव शव को पोस्टमार्टम के बाद रिम्स प्रबंधन ने लावारिस हाल में छोड़ उसके परिजनों को खुद ही संक्रमित शव ले जाने को कह दिया। जबकि नियमत: संक्रमित शव को उसके परिजनों को नहीं सौंपकर जिला प्रशासन उसके अंतिम संस्कार की व्यवस्था कराता है। अगर परिजन उस शव को अपने साथ लेकर चले जाते तो इससे कई लोग संक्रमित हो सकते थे। रिम्स का यह लापरवाही भरा कदम जानलेवा साबित हो सकता है।
मृतक के बड़े भाई ने बताया कि वह कोडरमा के मसमोटना गांव के रहने वाले हैं। 31 अगस्त को 17 वर्षीय छोटा भाई पंचानन पांडे खदान में गिरने से जख्मी हो गया था। उसे इलाज के लिए रिम्स में भर्ती कराया गया। 3 सितंबर को रिम्स के डॉक्टरों ने उसे कोरोना संक्रमित बताया और 4 सितंबर की सुबह उसकी मौत हो गई। शाम को पोस्टमार्टम हुआ और कर्मचारियों ने शव को घर ले जाने के लिए कह दिया। इस पर वह रिम्स के पूछताछ केंद्र पर गए। वहां सारी बातें बताने के बाद भी उन्हें शव को अपने साथ लेे जाने के लिए कहा गया। इसके बाद उन्होंने मीडियाकर्मियों से संपर्क किया। मीडियाकर्मियों ने प्रशासन को सूचना दी। इसके बाद प्रशासन की टीम रिम्स पहुंची और बॉडी को हरमू स्तिथ मुक्तिधाम लेे गई। जहां देर रात शव जलाया गया।
गलत आरोप है: अधीक्षक
रिम्स अधीक्षक डॉ. विवेक कश्यप ने आरोप को गलत बताया है। कहा मौत के बाद इंसिडेंट कमांडर को सूचित कर दिया गया था। बॉडी ले जाने के लिए प्रशासन की टीम का इंतजार किया जा रहा था। ऐसे में पोस्टमार्टम के बाहर रखी बॉडी की फोटो खींच कर किसी ने अफवाह फैला दी।
from Dainik Bhaskar

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