साहसिक सफर देख अडाणी फाउंडेशन ने गर्भवती को विमान से लाने का इंतजाम किया
झारखंड के गाेड्डा निवासी धनंजय हेम्बरम सात महीने की गर्भवती पत्नी को डीएड की परीक्षा दिलाने 1176 किमी दूर मध्य प्रदेश के ग्वालियर स्कूटी चलाकर पहुंचे। लेकिन अब वे हवाई जहाज से घर लौटेंगे। उन्हें हवाई सफर के जरिए घर पहुंचाने का जिम्मा अदाणी फाउंडेशन ने लिया है। फाउंडेशन ने हवाई यात्रा के लिए प्लेन के टिकट भी भेज दिए हैं। हालांकि, फाउंडेशन ने ग्वालियर से सीधे झारखंड तक सीधी फ्लाइट न होने के कारण 16 सितंबर के टिकट बुक कराए हैं। दोनों ग्वालियर से हैदराबाद होते हुए रांची एयरपोर्ट पहुंचेंगे।
जहां से उन्हें बस से गोड्डा तक पहुंचाया जाएगा। खास बात यह है कि हेम्बरम दंपती की स्कूटी भी रांची तक पहुंचाने की जिम्मेदारी अदाणी फाउंडेशन ने ही ली है। अदाणी फाउंडेशन की चेयरपर्सन डॉ. स्वीटी अदाणी के मुताबिक, उन्होंने दंपती के साहसिक सफर की खबरें पढ़ी थीं। इसके बाद उन्होंने फाउंडेशन को हवाई यात्रा का इंतजाम कराने के निर्देश दिए। साथ ही कहा कि दंपती को अच्छे ढंग से झारखंड भेजा जाए। फिर उन्हें विमान के टिकट भेजे गए।
3 दिन तक चलाई स्कूटी, बदहाल रास्तों से गुजरे
मालूम हो कि धनंजय कुमार अपनी पत्नी सोनी हेम्बरम को डिप्लोमा इन एलीमेंटरी (डीएड) द्वितीय वर्ष की परीक्षा दिलाने स्कूटी चलाकर ग्वालियर तक लाए हैं। इसके लिए उन्होंने गोड्डा से ग्वालियर करीब 1176 किमी 3 दिन स्कूटी चलाई। रास्ते में उन्हें बिहार में आई बाढ़ और अन्य राज्यों के कई बदहाल रास्तों से गुजरना पड़ा था। दंपती के इस साहसिक सफर की कहानी चर्चा में आने के बाद ग्वालियर से लेकर झारखंड तक कई मददगार सामने आए थे।
from Dainik Bhaskar

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