संत जेवियर्स कॉलेज के पूर्व प्राचार्य फादर लुइस फ्रैंकेन नहीं रहे, बच्चों की पढ़ाई के लिए चिंतित रहते थे, कहते थे-गरीबी बाधा नहीं बननी चाहिए - AKB NEWS

संत जेवियर्स कॉलेज के पूर्व प्राचार्य फादर लुइस फ्रैंकेन नहीं रहे, बच्चों की पढ़ाई के लिए चिंतित रहते थे, कहते थे-गरीबी बाधा नहीं बननी चाहिए

फादर लुइस फ्रैंकेन (82) का साेमवार रात 11 बजे मांडर के कांस्टेंट लिवंन्स हॉस्पिटल में निधन हो गया। वे अल्सर से पीड़ित थे। उन्हें 11 सिंतबर को अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इससे पहले वे रांची के सद्भावना भवन में रह रहे थे। मंगलवार 2:30 बजे नामकुम के किशोर नगर में उनके पार्थिव शरीर का दफन संस्कार किया गया। बेल्जियम के वुस्टवेझेल में 28 जुलाई 1938 को एक किसान परिवार में फादर फ्रैंकेन का जन्म हुआ था।

 7 सितंबर 1957 को बेल्जियम के सोसाइटी ऑफ जीसस से जुड़े। वर्ष 1964 में भारत आए। रांची के संत जेवियर्स कॉलेज में 1982-86 तक प्रिंसिपल भी रहे। इसके बाद एक्सआईएसएस रांची में भी निदेशक रहे।

फादर लुइस फ्रैंकेन झारखंड के आदिवासी बहुल इलाके के गरीब बच्चाें की शिक्षा काे लेकर चिंतित रहते थे। वे हमेशा कहते थे कि बच्चाें की पढ़ाई में गरीबी बाधा नहीं हाेनी चाहिए। चूंकि एक गरीब किसान परिवार में जन्मे थे, इसलिए गरीबी काे उन्हाेंने करीब से देखा-झेला था। काफी शांत और मृदु स्वभाव के फादर शांतिपूर्वक शिक्षा काे बढ़ावा देने के लिए काम करते रहते थे। संत जेवियर्स कॉलेज में प्रिंसिपल या एक्सआईएसएस में निदेशक रहते हुए उन्हाेंने सिर्फ पढ़ाई की बात की। कभी काेई काम ढिंढाेरा पीट कर नहीं किया, बल्कि शालीनता से काम करते थे। ड्राॅपआउट बच्चाें काे पढ़ाने की जिम्मेवारी एक्सआईएसएस के स्टूडेंट्स काे देते थे। 

यदि काेई बच्चा पढ़ना नहीं चाहता थे, ताे उसे प्यार से समझाते थे। पूछते थे- बेटा तुम्हें क्या समस्या है। उसकी समस्या सुनकर समाधान भी करते थे। बच्चाें काे पढ़ाई के लिए खुद ही किताब-कापी की व्यवस्था भी करते थे। कहते थे, शिक्षा ही एकमात्र ऐसी चीज है, जिससे हम सारी समस्याओं का समाधान कर सकते हैं।

अस्पताल में दाे दिन पहले जब उनसे मिलने गया, ताे उन्हाेंने कहा था

इट्स ऑल ओवर। देखाे पीटर... मैंने झारखंड में शिक्षा, खासकर गरीब आदिवासी बच्चाें की शिक्षा के लिए जितना कुछ करना था, उतना किया। पूरा जीवन शिक्षा के प्रचार-प्रचार के लिए दिया। और आज दाे दिन बाद उन्हाेंने इस दुनिया काे अलविदा कह दिया।
-जैसा कि हॉफमैन लॉ एसाेसिएट्स के डायरेक्टर फादर महेंद्र पीटर तिग्गा ने बताया




Previous article
Next article

Leave Comments

एक टिप्पणी भेजें

Articles Ads

Articles Ads 1

Articles Ads 2

Advertisement Ads