जंगल उगाने की योजना, रांची सहित राज्य के छह शहरों में 200 एकड़ में विकसित हाेंगे जंगल, वन मंत्रालय ने राज्याें से मांगा प्रस्ताव
काेराेना संकट के बीच दुनियाभर में पर्यावरण काे सहेजने की काेशिशें तेज हाे गई हैं। खासकर शहरी क्षेत्राें में इसकी ज्यादा जरूरत महसूस की जा रही हैं। इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने नगर वन याेजना से शहरी क्षेत्राें में जंगल विकसित करने की पहल शुरू की है। इसके तहत झारखंड के छह शहराें रांची, धनबाद, जमशेदपुर, बाेकाराे, गिरिडीह और हजारीबाग में भी जंगल विकसित किए जाएंगे। इसके लिए केंद्रीय वन मंत्रालय ने राज्याें से प्रस्ताव मांगा है। काेराेना संकट के बीच दुनियाभर में पर्यावरण काे सहेजने की काेशिशें तेज हाे गई हैं। खासकर शहरी क्षेत्राें में इसकी ज्यादा जरूरत महसूस की जा रही हैं।
इसे देखते हुए केंद्र सरकार ने नगर वन याेजना से शहरी क्षेत्राें में जंगल विकसित करने की पहल शुरू की है। इसके तहत झारखंड के छह शहराें रांची, धनबाद, जमशेदपुर, बाेकाराे, गिरिडीह और हजारीबाग में भी जंगल विकसित किए जाएंगे। इसके लिए केंद्रीय वन मंत्रालय ने राज्याें से प्रस्ताव मांगा है। इसके बाद प्रधान मुख्य वन संरक्षक ने बैठक कर इन शहराें में नगर वन याेजना के तहत जंगल विकसित करने के लिए डीपीआर और स्थल चयन का निर्देश दिया है। इसके तहत शहराें में 20 से 200 एकड़ भूमि में जंगल विकसित किया जाएगा।
सरकार करेगी देखरेख, आगंतुकाें काे देना हाेगा प्रवेश शुल्क
शहराें काे हरा-भरा करने वाले ये जंगल शहर में माैजूद वन क्षेत्र या खाली जगहाें पर उगाए जाएंगे। इसके लिए चिह्नित जमीन मुहैया कराने का काम स्थानीय निकाय करेगी। सरकार के इस काम में स्थानीय समुदाय और स्थानीय निकाय के अलावा कार्पाेरेट और एनजीओ की भागीदारी हाेगी। वन क्षेत्र बनने के बाद इसकी देखरेख की जिम्मेदारी राज्य सरकाराें की हाेगी। यहां आने वाले आगंतुकाें से प्रवेश शुल्क लिया जाएगा।
पाैधराेपण व रास्ते का निर्माण कंपनियां करेंगी
नगर वन याेजना पूरी तरह से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप माॅडल पर आधारित हाेंगी। इसके लिए फेंसिंग केंद्र सरकार करेगी जबकि पाैधराेपण से लेकर रास्ते का निर्माण और लाेगाें के लिए दूसरी सुविधाओं की व्यवस्था निजी कंपनियां अपने सीएसआर के तहत करेंगी। सरकार के इस काम में स्थानीय निवासी, नगर निगम और छाेटे-बड़े उद्याेगाें की भागीदारी सुनिश्चित हाेगी।
रांची में खटंगा और बड़ाम में जमीन का किया चयन
रांची में खटंगा व बड़ाम सहित पांच जगहाें का लैंड डिटेल केंद्र सरकार काे भेजा गया है। केंद्र से एक-दाे सप्ताह में स्थिति स्पष्ट हाेने के बाद विभागीय स्तर पर डीपीआर बनाया जाएगा।
-डीके तेवतिया, एडिशनल पीसीसीएफ एफडीए

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