शहर और गांव में जलापूर्ति दुरुस्त करने के लिए उपायुक्त ने बनाईं दो समन्वय समिति और तकनीकी समिति
शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में जलापूर्ति व्यवस्था काे दुरुस्त करने की कवायद शुरू कर दी है। गांव और शहर में रहने वाले लाेग काे नियमित पानी मिले, इसके लिए उपायुक्त ने जिला स्तर पर दो समितियां बनाई हैं। पहली समिति समन्वय समिति होगी। इस समिति का अध्यक्ष स्वयं डीसी होंगे। डीसी ने बताया कि जल संकट का मुख्य कारण विभागाें में समन्वय की कमी है।
तकनीकी गड़बड़ी आने पर समन्वय स्थापित कर उसे दूर करने की बजाय एक विभाग पर छाेड़ दिया जाता है। शहरी क्षेत्र में नगर निगम, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग और झमाडा द्वारा जलापूर्ति की जाती है, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग द्वारा जलापूर्ति की जाती है। इनके बीच समन्वय स्थापित करने के लिए समन्वय समिति होगी। वहीं, दूसरी समिति तकनीकी समिति होगी। तकनीकी समिति 15 दिन में पांच साल का वाटर एक्शन प्लान तैयार करेगी। इस एक्शन प्लान में जलापूर्ति याेजनाओं के साथ-साथ उसके ऑपरेशन और मेंटनेंस का भी उल्लेख रहेगा।
किस समिति में कौन अधिकारी
समन्वय समिति
अध्यक्ष - उपायुक्त
सदस्य सचिव - उप विकास आयुक्त
सदस्य - अपर जिला दंडाधिकारी(वि.व्य)
सदस्य - नगर आयुक्त
सदस्य- कार्यापलक अभियंता (पीएचईडी-1 व 2)
सदस्य : झमाडा एमडी
तकनीकी समिति
अपर जिला दंडाधिकारी (वि-व्य)
कार्यपालक अभियंता (पीएचईडी 1 व 2)
इंद्रेश शुक्ला (तकनीकी सदस्य, झमाडा)
अनुप कुमार सामंता (कार्यपालक अभियंता जलापूर्ति, निगम)
सुभम सिंघल (डीएमएफटी)
तकनीकी समिति की यह होगी जिम्मेवारी...
1. अगले पांच वर्षाें की जनसंख्या काे ध्यान में रखते हुए समिति यह बताएगी कि कितना पानी चाहिए।
2. समिति बताएगी कि जिले में ग्रामीण और शहरी क्षेत्र में कितनी याेजनाएं चल रही है और कितने का काम जारी है।
3. इन याेजनाओं से शहरी और ग्रामीण क्षेत्राें में कितने लाेगाें काे पानी नहीं मिल रहा है।
4. जिन लाेगाें काे पानी नहीं मिल रहा है, उसके लिए क्या किया जाए।
5. समिति को पंचायत और वार्ड वार जीआईएस मैपिंग कर रिपाेर्ट उपलब्ध कराना है।
6. तकनीकी समिति अपने प्लान में अवैध कनेक्शन की भी जानकारी देगी।
7. अवैध कनेक्शन काे कैसे राेका जा सकता है, यह भी समिति बताएगी।
ऑपरेशन, मेंटनेंस पर फाेकस
वाटर एक्शन प्लान तैयार कराने का मुख्य उद्देश्य जलापूर्ति याेजनाओं के ऑपरेशन और मेंटनेंस पर फाेकस करना है। जिले में जलापूर्ति की दर्जनाें याेजनाओं चल रही है। किसी भी याेजना के मेंटनेंस और ऑपरेशन काे लेकर काेई याेजना नहीं है। इसे देखते हुए एक्शन प्लान तैयार किया जा रहा है।
-उमाशंकर सिंह, उपायुक्त, धनबाद

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