म्यूटेशन में गड़बड़ी करने के आरोपी 2 रिटायर्ड समेत 11 लिपिकों और राजस्व कर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्यवाही का आदेश
जमीन के म्यूटेशन में गड़बड़ियाें के मामले में डीसी उमा शंकर सिंह ने मंगलवार काे 11 कर्मियाें के प्रपत्र क गठन का आदेश दिया। ये कर्मी धनबाद, बलियापुर और बाघमारा अंचलाें के हैं। इनमें 4 लिपिक, 5 राजस्व कर्मचारी और दाे सेवानिवृत्त राजस्व कर्मी हैं।
अपर समाहर्ता श्याम नारायण राम के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय कमेटी की जांच रिपाेर्ट में इन सभी पर म्यूटेशन मामले में गड़गड़ी करने के आराेप साबित हुए थे। आराेप के मुताबिक, इन कर्मियाें ने मूल खतियान से मिलान किए बिना ही ऑनलाइन डाटा के आधार पर दूसरे खतियान, गैर मजरुआ और सीएनटी जमीन का दाखिल-खारिज कर दिया।
सचिव के निर्देंश पर एसी के नेतृत्व वाली 3 सदस्यीय टीम ने की थी जांच
भाजपा नेता रमेश कुमार ने सरकार से शिकायत की थी। विभागीय सचिव के निर्देश पर डीसी उमा शंकर सिंह ने एसी एसएन राम के नेतृत्व में गठित तीन सदस्यीय टीम से जांच कराई। टीम ने पहले चरण में बलियापुर, बाघमारा और धनबाद अंचलाें में जमीन संबंधी गड़बड़ी की जांच की थी। वहां के कर्मियाें के खिलाफ गड़बड़ी के सबूत मिलने पर डीसी ने विभागीय कार्रवाई का निर्देश दिया है।
इनके खिलाफ प्रपत्र क गठन का आदेश
अमित कुमार प्रसाद और मनाेज कुमार चाैधरी (दाेनाें लिपिक), जीतेंद्र कुमार और तपन तिवारी (दाेनाें प्रधान सहायक), पंकज कुमार सिन्हा, दयानंद प्रसाद, नेहा कुमारी, तपन ओझा और इजरायल अंसारी (राजस्व कर्मचारी) तथा सरदार कमलेश्वर सिंह और अशाेक कुमार (दाेनाें रिटायर्ड राजस्व कर्मचारी)।
^105 दिनाें में विभागीय कार्यवाही सुनिश्चित करना है। अपर समाहर्ता के नेतृत्व में गठित सेल माॅनिटरिंग करेगा। संचारण और उप पदस्थापन पदाधिकारी बताएंगे कि प्रपत्र क के तहत लघु या दीर्घ, कैसी कार्यवाही करनी है। दीर्घ कार्यवाही के तहत बर्खास्तगी और लघु कार्यवाही के तहत वेतन राेका जा सकता है।
उमा शंकर सिंह, डीसी, धनबाद

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