जिस छात्रावास पर कब्जा कर चल रहा हनीफिया स्कूल उसे बनाने में कल्याण विभाग ने खर्च किए थे 70 लाख
कल्याण विभाग के छात्रावास पर कब्जा कर संचालित किए जा रहे हनीफिया हाईस्कूल काे लेकर नया खुलासा हुअा है। 15 साल पहले जब भवन काे कल्याण विभाग ने बनवाया था ताे इसपर करीब 70 लाख रुपए से अधिक खर्च हुए थे। 100 बेड के छात्रावास में 15 से अधिक कमरे हैं। निजी स्कूल चलाने की जानकारी कल्याण विभाग काे भी है।
लेकिन इसे खाली कराने का ठाेस प्रयास नहीं किया गया। जैक के चेयरमैन डॉ. अरविंद सिंह ने कहा कि अगर किसी स्कूल ने किसी सरकारी भवन काे कब्जा कर उस आधार पर जैक से मान्यता ली है ताे उसकी मान्यता समाप्त की जाएगी। हम देखेंगे कि किस आधार पर अनुशंसा संबंधित विभाग ने की थी।
पहले छात्रावास के लिए जमीन दान की, जब भवन बना ताे किया कब्जा
भवन का कब्जा करने की याेजना बड़े चालाकी से बनाई गई। इसमें कल्याण विभाग के कुछ कर्मचारी भी शामिल हैं। स्कूल संचालित करने वाली संस्था की ही याेजना थी यहां शिक्षण संस्थान बनाया जाए। उन्हाेंने भवन निर्माण पर हाेने वाले लाखाें रुपए खुद खर्च करने की जगह अपनी जमीन काे कल्याण विभाग काे छात्रावास बनाने के लिए दे दिया।
लेकिन जैसे ही कल्याण विभाग ने छात्रावास बनाकर तैयार किया और इसके संचालन की जिम्मेदारी संस्था काे दी ताे उन्हाेंने छात्रावास की जगह भवन में निजी स्कूल खाेल लिया।

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