सरेंडर न कर ससुराल में छिपे पूर्व मंत्री हरिनारायण राय पत्नी संग गिरफ्तार
झारखंड के पूर्व मंत्री हरिनारायण राय और उनकी पत्नी सुशीला देवी को आय से अधिक संपत्ति मामले में सीबीआई ने बुधवार काे दुमका से गिरफ्तार कर लिया है। दुमका के मसलिया प्रखंड स्थित तरणी गांव में हरिनारायण राय की ससुराल थे। वे पत्नी के साथ वहीं छिपे थे।
सीबीआई टीम को ससुराल में छिपे होने की भनक लगी। इसके बाद टीम वहां पहुंची और दोनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद सीबीआई टीम उन्हें अपने साथ रांची ले गई।
सीबीआई की विशेष अदालत ने दिसंबर 2016 में आय से अधिक 1.46 करोड़ रुपए की संपत्ति मामले में पूर्व मंत्री हरिनारायण राय, उनकी पत्नी सुशीला देवी और भाई संजय कुमार को पांच-पांच साल की सजा सुनाई थी। कोर्ट के फैसले के खिलाफ तीनों ने हाईकोर्ट में अपील दायर की थी।
अपील के आधार पर पूर्व मंत्री हरिनारायण राय को जमानत मिली थी। हाईकोर्ट से चार नवंबर को अपील खारिज करते हुए निचली अदालत की सजा को बरकरार रखा गया था और पूर्व मंत्री, उनकी पत्नी और भाई काे आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया गया था। लेकिन पूर्व मंत्री ने सरेंडर नहीं किया और अपनी ससुराल में जाकर छिप गए। तब से सीबीआई उन्हें ढूंढ़ रही थी। आत्मसमर्पण नहीं करने पर ही सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया।
2010 में सीबीआई ने अपने हाथ में लिया था केस
पहले यह केस झारखंड निगरानी ब्यूरो के पास था। सीबीआई ने 2010 में पूर्व मंत्री हरिनारायण राय का केस झारखंड निगरानी ब्यूरो से अपने हाथ में लिया और जांच शुरू की। वर्ष 2012 में सीबीआई ने पूर्व मंत्री पर आय से 94 फीसदी अधिक 1,46,25,354 रुपए अर्जित करने का आरोप पत्र दायर किया था।
इसमें पूर्व मंत्री के नाम पर रांची और देवघर जिले में आलीशान बंगला, डेयरी फार्म, पैतृक गांव में तालाब पाया था। इसके अलावा पत्नी और भाई के नाम 42 लाख रुपए से अधिक की संपत्ति अर्जित करने का मामला सही पाया था। सीबीआई की ओर से दायर आरोप पत्र के मुताबिक पूर्व मंत्री ने साल 2005 से 2009 तक विधायक और मंत्री पद पर रहते हुए आय से अधिक यह संपत्ति अर्जित की थी।

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