नए सत्र से बढ़ सकती है निजी स्कूलाें की फीस, कमेटी बनाने का निर्देश, स्कूलों का तर्क है कि आय से अधिक खर्च हाे रहे
निजी स्कूल नए सत्र 2021-22 से फीस बढ़ा सकते हैं। स्कूलों ने सत्र 2019-20 के दौरान फीस में वृद्धि की थी। झारखंड शिक्षा न्यायधीकरण संशोधन अधिनियम 2017 के तहत स्कूल की फीस की बढ़ाेतरी दाे सत्राें के लिए हाेगी। इस कारण सत्र 2020-21 में स्कूल फीस नहीं बढ़ा सके और अब नए सत्र में फीस बढ़ाना चाहते हैं। स्कूलों का तर्क है कि आय से अधिक खर्च हाे रहे हैं। शिक्षकाें और कर्मियाें के वेतन से लेकर तमाम तरह के खर्च हैं, जिसमें कटाैती भी संभव नहीं है। सरकार के निर्देश पर केवल ट्यूशन फीस ही ले सकते हैं, जाे 40-60 प्रतिशत ही मिल रहे हैं। ऐसे में फीस में बढ़ाेतरी जरूरी है।
हालांकि, किसी भी स्कूल ने यह अभी तय नहीं किया है कि बढ़ाेतरी किस हद तक हाेगी। झारखंड शिक्षा न्यायाधीकरण संशोधन अधिनियम 2017 के तहत स्कूलों की फीस में वृद्धि के लिए जिला स्तर की कमेटियां हाेंगी और दाेनाें में डीसी अध्यक्ष हाेंगे।
प्रारंभिक स्तर पर डीएसई और माध्यमिक व प्लस टू स्तर पर डीइओ पदेन सदस्य हाेंगी। इनके अलावे डीटीओ, चार्टर्ड अकाउंटेंट, प्राचार्य, माता-पिता, सांसद और विधायक सदस्य होंगे। 10 प्रतिशत तक फीस बढ़ाेतरी पर स्कूल स्तरीय व इससे अधिक बढ़ाेतरी पर जिला स्तरीय कमेटी निर्णय लेगी। इधर, डीएसई इंद्रभूषण सिंह ने सभी निजी स्कूलाें काे स्कूल स्तरीय कमेटी बनाने का निर्देश दिया।

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