संघर्ष से भाकपा का हुआ जन्म यही हमारी प्राणवायु- बाबूलाल
भाकपा राज्य परिषद सदस्य बाबूलाल झा ने कहा है कि भाकपा का जन्म संघर्ष से हुआ है और संघर्ष ही इसकी प्राणवायु है। इसकी विरासत भारत की आजादी के संघर्ष का महत्वपूर्ण व यादगार हिस्सा है। भाकपा राज्य कार्यालय सभागार में शनिवार को पार्टी के 95वें स्थापना दिवस पर आयोजित परिचर्चा को वे संबोधित कर रहे थे। डॉ. आरपी चौधरी ने कहा कि भाकपा के कमजोर होने पर पूंजीवाद को मजबूत करने वाली ताकतें सिर चढ़ कर बोलती हैं। उन्होंने कहा कि कम्युनिस्ट पार्टी का संघर्ष आज के दौर में और भी महत्वपूर्ण हो चला है, क्योंकि इसी से देश के संविधान और मजदूर-किसान की हिफाजत होगी।
जिला सचिव अजय कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली में चल रहा किसान आंदोलन देश के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय लिखेगा। परिचर्चा की अध्यक्षता उषा श्रीवास्तव और लालदेव सिंह ने की। प्रगतिशील लेखक संघ के राज्य महासचिव डॉ. मिथिलेश कुमार ने कहा कि आज पार्टी को मजबूत कर आंदोलनों को गोलबंद करना चाहिए।
मौके पर प्रदीप राय, कमाल अंसारी व शंभू प्रसाद लाला को सम्मानित किया गया। सभा को कलाम रशीदी, उमेश नजीर, मेहुल मृगेंद्र, लोकेश आनंद, अनिकेत चौधरी व फरजाना फारूकी ने आदि ने संबोधित किया।

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