कोरोनाकाल में पहली बार पिछले एक महीने से संक्रमण से मौत की कोई खबर नहीं मिली, संक्रमितों की संख्या में भी आई कमी, अभी सिर्फ 180 एक्टिव केस - AKB NEWS

कोरोनाकाल में पहली बार पिछले एक महीने से संक्रमण से मौत की कोई खबर नहीं मिली, संक्रमितों की संख्या में भी आई कमी, अभी सिर्फ 180 एक्टिव केस

पूर्वी सिंहभूम सहित पूरे कोल्हान में पिछले एक महीने से एक भी कोरोना मरीज की मौत नहीं हुई है। यह जिले के कोरोना काल के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर है। जिले में 7 दिसंबर 2020 के बाद से अब तक किसी कोरोना मरीज की मौत नहीं हुई है। हालांकि अब तक जिले में 374 कोरोना मरीजों की जान जा चुकी है। अगस्त-सितंबर में जमशेदपुर में एक दिन में औसतन 4-5 मरीजों की मौत हो रही थी। जिले में मौत का आंकड़ा इतना डरावना हो गया था कि इसकी जांच के लिए दिल्ली व रांची की टीम दो बार शहर आई थी।

जिले में पहले कोरोना मरीज की मौत 4 जुलाई को हुई थी। 31 जुलाई तक 37 कोरोना मरीजों की जान गई। इस तरह जुलाई में हर दिन औसतन 1.67 कोरोना मरीज की मौत हुई। अगस्त में 133 कोरोना मरीज की मौत हुई थी यानी हर दिन औसतन 4.29 मरीज की मौत हुई। सितंबर में 136 कोरोना मरीजों की मौत हुई यानी हर दिन औसतन 4.53 मरीज की मौत हुई है। अक्टूबर में 37 कोरोना मरीजों की मौत हुई यानी हर दिन औसतन 1.19 मरीजों की मौत हुई। नवंबर में 17 मरीजों की मौत हुई यानी हर 0.56 मरीज की मौत हुई। दिसंबर में सिर्फ 4 कोरोना मरीज की मौत हुई।

3415 सैंपल की जांच 12 संक्रमित मरीज मिले

पूर्वी सिंहभूम में मंगलवार को 3415 सैंपल की जांच हुई। इसमें 12 नए संक्रमित मिले। इसके साथ जिले में कोरोना संक्रमितों की संख्या 17690 पहुंच गई है। दूसरी ओर शहर के विभिन्न अस्पतालों में भर्ती 54 संक्रमित ठीक होकर घर गए। इस तरह अब तक जिले के 17136 मरीज कोरोना को मात दे चुके हैं। जिले में फिलहाल 180 एक्टिव केस हैं।

जागरुकता के कारण संक्रमण में कमी

कोरोना के प्रति आम लोगों में आई जागरुकता से जिले में कोरोना के नए केस व मौत की संख्या कमी आई है। इसके लिए जिलेवासियों के साथ-साथ स्वास्थ्य विभाग व जिला प्रशासन की टीम बधाई की पात्र है। अगस्त-सितंबर में जो भयावह स्थिति थी उसमें जिला प्रशासन व स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जिस सूझबूझ के साथ काम किया। इसी का परिणाम है कि आज में हम कोरोना फ्री होने की ओर अग्रसर हैं। लेकिन अभी सावधानी जरूरी है अन्यथा स्थिति बदलते देर नहीं लगेगी।

-डाॅ एसी अखौरी, पूर्व प्रिंसिपल, एमजीएम मेडिकल कॉलेज




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