झारखंड आया मन का सुकून:5 साल में पहली बार समय पर आया माॅनसून, 24 घंटे में पूरे राज्य में छा जाएगा : रांची
झारखंड में शनिवार काे साहिबगंज के रास्ते माॅनसून प्रवेश कर गया। पांच साल में यह पहला माैका है, जब राज्य में माॅनसून समय पर आया है। आमतौर पर मॉनसून को केरल से झारखंड आने में 12 दिन लगते हैं। केरल में इस बार तीन दिन देरी से आया और नौ दिन में ही झारखंड पहुंच गया। इसने एक साथ संथाल परगना क्षेत्र के छह जिलाें काे कवर कर लिया है। माॅनसून के आगे बढ़ने की स्थिति अनुकूल है, इसलिए अगले 24 घंटे में यह पूरे राज्य में छा जाएगा।
अगले पांच दिनाें तक राज्य के हर हिस्से में अच्छी बारिश हाेगी। कहीं-कहीं भारी बारिश भी हो सकती है। माॅनसून का पूरा ट्रैक पिछले साल के जैसा ही है। शुरुआत में प्री माॅनसून की बारिश कुछ कम हुई, लेकिन अंत में अच्छी बारिश हुई और इसकी भरपाई हो गई।ऐसे में हम माॅनसून से भी अच्छी बारिश की उम्मीद कर सकते हैं।
राज्य में 1054 एमएम बारिश होने का अनुमान
मौसम विभाग के मुताबिक एक सामान्य माॅनसून सीजन में झारखंड में 1054.7 एमएम बारिश होती है। इससे 19 प्रतिशत ज्यादा या 19 प्रतिशत कम बारिश को सामान्य बारिश की श्रेणी में ही रखा जाता है। ऐसे में राज्य में 854.30 एमएम या 1255 एमएम बारिश होती है तो यह सामान्य बारिश होगी। हालांकि 1054 एमएम बारिश होने का अनुमान है।
जून में अब तक सामान्य से 34% अधिक बारिश
माॅनसून की एंट्री के पहले 1 से 12 जून तक राज्य में सामान्य से 34% अधिक बारिश हुई है। इस दाैरान राज्य में 45.9 एमएम बारिश हाेती, लेकिन असल में 61.5 एमएम हुई है।
मई से ही मॉनसून जैसी बारिश, यह बस आधिकारिक घोषणा जैसा
झारखंड में भले ही शनिवार काे माॅनसून ने प्रवेश किया, लेकिन यहां ताे मई से ही माॅनसून जैसी बारिश हाे रही है। आज ताे सिर्फ इसकी आधिकारिक घाेषणा जैसी है। मई की शुरुआत से ही राज्य में लगातार बारिश का दाैर जारी है। इसी बीच यास तूफान आया ताे माॅनसून जैसे ही हालात बन गए। सिर्फ मई में 219.7 एमएम बारिश हुई, जबकि सामान्य रूप से 48.6 एमएम बारिश होती है। इससे डैम का जलस्तर बढ़ा, जिससे पेयजल की समस्या नहीं आएगी।


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