कांटैक्ट ट्रेसिंग में पकड़े गए लाेग नहीं करा रहे कोरोना टेस्ट
कोरोना टेस्ट की जांच धीमी पर एक ओर लोग बवाल कर रहे है, वहीं दूसरी ओर सक्रमितों के संपर्क में आए लोग भी जांच कराने से भाग रहे हैं। मामले का खुलासा तब हुआ जब सरायकेला प्रखंड की प्रथम चिकित्सा पदाधिकारी डॉ
संगीता केरकेट्टा ने इस संबंध में सिविल सर्जन को पत्र लिखकर दिशा निर्देश की मांगी।
अपने पत्र में डॉ संगीता ने बताया कि सरायकेला नगर पंचायत क्षेत्र अंतर्गत बनाए गए कंटेनमेंट जोनों में कोरोना पॉजिटिव मामले के फर्स्ट कांटेक्ट में ट्रेस किए गए लोग भी कोविड-19 जांच कराने से इंकार कर रहे हैं। ऐसे में कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने में बाधा आ सकती है। साथ ही कोरोना पॉजिटिव मामला पाए जाने के बाद कंटेनमेंट जोन और बफर जोन बनाए जाने की प्रक्रिया कोरोना संक्रमण नियंत्रण को लेकर बेमानी साबित होगी। इसे लेकर विभाग मामले को संगीन मानते हुए आगे की कार्रवाई शुरू करने की तैयारी कर रहा है।
इधर.. विभाग की लापरवाही से कई जगह कम हुई जांच
कंटेनमेंट जोन में प्रशासन की व्यवस्थाओं से लोग नाराज
संक्रमण के बाद कंटेनमेंट जाेन में विभाग और प्रशासन से सही देखरेख नहीं किए जाने से लोग काफी नाराज हैं। इसलिए लोग जांच कराने को लेकर कतराते हुए देखे जा रहे हैं। बताया जा रहा है कि पूरी जांच प्रक्रिया में नागरिकों से किसी बंदी या अछूत जैसा व्यवहार होता है। जिससे वह मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित हो रहे हैं।
लोगों ने जांच कराने से किया मना
1. कंसारी टोला कंटेनमेंट जोन : 45 लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग हुई। जिनमें से मात्र 3 लोगों का ही कोरोना टेस्ट, जबकि पॉजिटिव के संपर्क में आए 9 लोगों ने स्वाब देने सेे इंकार कर दिया है।
2.कवि टोला कंटेनमेंट जोन : 142 लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग की गई। जिनमें से मात्र एक का ही जांच हो पाया है। फर्स्ट कांटेक्ट में आए 29 लोगों ने कोरोना जांच कराने से इंकार कर दिया है।
3. पाटाहेसेल कंटेनमेंट जोन : कोरोना पॉजिटिव मिलनेे के बाद फर्स्ट कांटेक्ट में आए 15 लोगों ने यहां स्वाब का सैंपल देने स जांच कराने से इनकार कर दिया।
विभाग ने सैंपल लेने में बरती सुस्ती
1. गैरेज चौक कंटेनमेंट जोन : संक्रमित के संपर्क में आए कुल 222 लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग की गई थी। लंबा समय बीत जाने के बाद तक मात्र 21 लोगों का ही सैंपल कलेक्शन किया जा सका है।
2. अंजनीनगर कंटेनमेंट जोन : कोरोना पॉजिटिव मामले में 34 लोगों की कांटेक्ट ट्रेसिंग की गई। काफी समय बीत जाने के बाद तक भी मात्र 6 लोगों का ही सैंपल कलेक्शन किया जा सका है।
3. हंसाहुड़ी बस्ती : कोरोना पॉजिटिव मरीज मिलने के 19 दिनों के बाद कंटेनमेंट जोन खुल जाने के बाद तक भी किसी कंटेनमेंट जोन वासी का कोविड-19 जांच नहीं कराया जा सका।
from Dainik Bhaskar

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