15वें वित्त आयाेग से धनबाद काे 43 कराेड़ की राशि, पंस काे मिली 15% हिस्सेदारी
15वें वित्त आयाेग से धनबाद जिले काे 43 कराेड़ की राशि मिली है, जाे जिले के ग्रामीण क्षेत्राें के विकास पर खर्च किया जाएगा। इस राशि में पहली बार प्रखंड पंचायत समिति काे भी हिस्सेदारी मिली है। जिला पंचायती राज पदाधिकारी अजीत कुमार सिंह का कहना है कि 14वें वित्त आयाेग में प्रखंड पंचायत समिति काे राशि आवंटित नहीं की गई थी। पंचायत समिति सदस्याें की शिकायत पर केंद्रीय ग्रामीण विकास विभाग ने प्रखंड पंचायत समिति काे 15 प्रतिशत राशि दी गई है।
इसके अलावा पंचायती राज विभाग काे 75 प्रतिशत और जिला परिषद काे 10 प्रतिशत राशि आवंटित की गई है। कुल राशि में 32.5 कराेड़ जिला पंचायती राज विभाग, 6.45 कराेड़ पंचायत समिति तथा 4.3 कराेड़ जिप खर्च करेगी। जिला पंचायती राज पदाधिकारी का कहना है कि राशि खर्च करने काे लेकर केंद्रीय ग्रामीण विकास विभाग से काेई दिशा-निर्देश जारी नहीं किया गया है।
गाइड लाइन में निर्धारित क्षेत्र के अनुसार ही राशि खर्च करनी है
1. अनाबद्ध मद (अन टाइड), जिससे आय स्त्रोत काे बढ़ावा मिले
डीपीआरओ अजीत कुमार सिंह का कहना है कि अनाबद्ध मद में जिससे आय श्राेत का सृजन हाे पाए उसी क्षेत्र में यह राशि खर्च की जाएगी। हलांकि इस मद में खर्च काे लेकर काेई बाइंडिंग नहीं रहेगी। इस मद में तभी राशि खर्च की जाएगी जब ग्राम सभा से याेजनाएं पारित हाें। लेकिन अगर ग्राम सभा ऐसी काेई याेजना पास करती है जाे आबद्ध मद की है ताे उस याेजना काे उस मद में ले ली जाएगी।
2. आबद्ध मद (टाइड), स्वच्छता मिशन और जलसंरक्षण पर फाेकस
पंचायती राज विभाग का कहना है कि आबद्ध मद में गाइड लाइन में निर्धारित क्षेत्र के अनुसार ही राशि खर्च करनी है। इसमें भारत स्वच्छता मिशन तथा जल संरक्षण से संबंधित याेजनाएं शामिल हैं। एसबीएम के तहत शाैचालय निर्माण, नाली निर्माण, सेनेटाइजर सहित अन्य व्यवस्था शामिल हैं। पेयजल व जल संरक्षण के तहत पेयजल की व्यवस्था से पनसाेखा सहित अन्य याेजनाएं शामिल हैं।
from Dainik Bhaskar

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