राज्य में सर्वाधिक 22 हत्याएं गुमला में हुईं, डीजीपी ने कहा- नशे से बढ़ीं घटनाएं
गुमला में अक्टूबर में हत्या की 22 घटनाएं हाे चुकी हैं। झारखंड में यह आंकड़ा सभी जिलाें से सबसे ज्यादा है। जिले में बढ़ती आपराधिक घटनाओं काे देखते हुए डीजीपी एमवी राव शनिवार काे गुमला पहुंचे।उन्हाेंने अधिकारियाें के साथ घटनाओं की समीक्षा की। डीजीपी ने कहा कि 20 साल पहले मैं भी गुमला का एसपी रह चुका हूं। जिले में नशा के कारण अपराध बढ़ रहा है। झारखंड में हाे रही आपराधिक घटनाओं के पीछे नशा सबसे बड़ा कारण बन रहा है।

एक नवंबर से पूरे राज्य में नशा के विरुद्ध कठोर कदम उठाए जाएंगे। 15 दिनाें तक गुमला पुलिस सख्ती के साथ अभियान चलाएगी। शराब, अफीम, ब्राउन शुगर, गांजा, टेन, चोको जैसी काेई नशीली सामग्री की बिक्री की सूचना मिले ताे पुलिस को दें। सूचना देने वालों का नाम गुप्त रखा जाएगा।
उन्हाेंने कहा कि अगर थाना में सुनवाई नहीं होती है तो मुझे व्हाट्सएप या ट्विटर करें, मैं त्वरित कार्रवाई करूंगा। चर्चित भाई-बहन हत्याकांड मामले को लेकर डीजीपी घाघरा पहुंचे। इस दौरान डीजीपी पीड़ित परिवार के लोगों से मिले और उन्हें ढांढस बंधाया। उन्हाेंने लापरवाही बरतने पर लोहरदगा सदर के थानेदार केश्वर साहू समेत दो पुलिसकर्मियों को निलंबित किया।
लोहरदगा थानेदार समेत दाे पुलिसकर्मी सस्पेंड, डीजीपी बोले-इन्हें डिसमिस करें
घाघरा के चर्चित भाई बहन हत्याकांड मामले में पुलिस पर लापरवाही बरतने की परिजनों की शिकायत पर डीजीपी ने लोहरदगा एसपी प्रियंका मीणा को सदर थानेदार केश्वर साहू और दाे पुलिसकर्मियाें काे सस्पेंड करने का निर्देश दिया है। उन्हाेंने एसपी से कहा कि ऐसे लोगों को तुरंत पद से हटाएं और विभागीय कार्रवाई करते हुए नौकरी से डिसमिस करें।
इन लापरवाह पुलिसकर्मी के चलते झारखंड पुलिस काे शर्मिंदगी का सामना करना पड़ रहा है। पीड़ित परिवार से लिखित शिकायत आने के बाद भी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की, यह क्षमायोग्य नहीं है। उन्हाेंने कहा दो नशेड़ी युवकों ने घटना को अंजाम दिया है। पुलिस स्तर पर भी गड़बड़ी हुई है। दाेषी पुलिस पदाधिकारी पर भी सख्त कार्रवाई होगी। मामले का ट्रायल कराकर दोषियों को सख्त सजा दिलाई जाएगी।

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