बारिश में फसल खराब होने के कारण सब्जियों की कीमत बढ़ी, बीन-मिर्च 80 रुपए किलो
सब्जियों की महंगाई से लोग परेशान हैं। पिछले साल के अक्टूबर महीने की तुलना में इस साल सब्जियों के भाव दोगुने हैं। खुदरा बाजार में परवल, भिंडी, गोभी, पालक, टमाटर, शिमला मिर्च आदि सब्जियां 50 से 70 रुपए, आलू 40-50 और प्याज 70 से 80 रुपए किलो तक बिक रहा है। बीन-मिर्च 80 रुपए किलो बिक रही हैं। सब्जियों के थोक कारोबारी मोहम्मद सरफराज ने कहा कि कोरोना काल में किसानों ने नुकसान होने के भय से सीमित खेती ही करना उचित समझा है।
रूक-रूक कर हुई लगातार बारिश ने भी सब्जियों की खेती को प्रभावित किया है। कारोबारियों का कहना है कि प्रत्येक साल जाड़े के मौसम में आलू समेत अन्य सब्जियों की कीमतें कम होती हैं। लेकिन, इस बार भाव में कमी की गुंजाइश कम है। सब्जियों के कारोबारी जीतेंद्र गुप्ता ने कहा कि आलू और प्याज की कीमतें आने वाले दिनों में और बढ़ सकती हैं। क्योंकि, भारत में फसल कमजोर है।
क्यों बढ़ रही सब्जियों की कीमतें
- गांवों में सब्जियों की खेती का उत्पादन समय पर नहीं होना।
- शहर अनलॉक होने के बाद सभी होटलों के खुलने से सब्जियों की मांग, डिमांड पड़ोसी राज्यों में बढ़ी है। विदेशों में भी यहां की सब्जियां जा रही हैं।
- पिछले दिनों हुई बारिश का असर अभी भी है। उस समय भिंडी, परवल समेत कई सब्जियों की फसल बर्बाद हुई थी।
- बिहार में भी बारिश के कारण फसल प्रभावित हुआ है। इसलिए, वहां से आने वाला परवल महंगा पड़ रहा है।

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