मानव तस्करी के कलंक से जिले को मुक्त कराने में सबका सहयोग जरूरी
खनन, विधि-व्यवस्था, उत्पाद, कारा, परिवहन, श्रम, मानव तस्करी से संबंधित मामलों एवं कार्यों की समीक्षा बैठक शनिवार काे हुई। उपायुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कार्याें की समीक्षा करते हुए अधिकारियाें काे आवश्यक दिशा निर्देश दिए गए। बैठक में डीसी ने कहा कि श्रम,मानव तस्करी से संबंधित मामलों पर पूर्व से ही त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें। सिमडेगा जिला को मानव तस्करी नाम के अभिशाप से मुक्त करना है। डीसी ने कहा कि मानव तस्कर के चंगुल से केरसई प्रखण्ड के तीन लोगों को बचाया गया था।
अभिभावक के द्वारा दोषियों पर अबतक एफआईआर नहीं किया गया है। अभिभावक ही अपनी अपने बहन, बेटियों को अगवा कराने के षडयंत्र करने में सहयोग कर रहें है। इस भावना से मानव तस्कर को सह मिलता रहेगा। मानव तस्करों पर कार्रवाई हो। डीसी ने थाना प्रभारियों को 8-10 वर्ष का मानव तस्करी से संबंधित सूची भेजा गया है। सभी थानावार सूची के अनुरूप अभ्युक्ति प्रपत्र में अद्यतन जांच रिर्पोट ससमय समर्पित करें।
चौकीदार व सहकर्मियों के द्वारा सूची अनुरूप सभी घरों का जांच करायें। थाना प्रभारी के द्वारा मानव तस्कर से संबंधित ससमय प्रतिवेदन नहीं देने पर कार्रवाई की जाएगी। कारा की समीक्षा के क्रम में सभी कैदियों का कैम्प माेड में कोविड-19 जांच कराने का निर्देश दिया। सभी कैदियों का मेेडिकल हिस्ट्री के अनुरूप सूची तैयार करने का निर्देश दिया। मेडिकल ग्रेडिंग कर सुविधा देने की बात कही। डीसी ने कहा कि पंचायत भवन में सीएससी केन्द्र के माध्यम से अभिभावक 30 रुपए देकर आनॅलाइन माध्यम से जेल में बंद अपने सदस्य से बात कर सकते है।

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