साकची-बिष्टुपुर, जुगसलाई सहित सभी बड़े बाजार बंद, ~15 करोड़ से अधिक का कारोबार प्रभावित
झारखंड सरकार के संक्रामक रोग अध्यादेश 2020 के विरोध सिंहभूम चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के एक दिवसीय बंद का असर शहर के बड़े बाजारों में दिखा। इससे करीब 15 करोड़ रुपए का कारोबार प्रभावित हुआ। वहीं, छोटे बाजारों में दुकानें खुली रही। चैंबर के सदस्यों ने साकची, बिष्टुपुर में सड़क पर उतर बड़े मॉल को बंद कराया। शहर के अधिकतर बाजार एसोसिएशन ने शुक्रवार को बंद के समर्थन की घोषणा की थी।
सुबह से ही बाजार नहीं खुले, चैंबर के सदस्यों ने कई बाजारों का मुआयना किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। चैंबर ने बंद को पूरी तरह से सफल बताया है, वहीं इससे सरकार पर अध्यादेश को बदलने का दबाव भी बढ़ने का दावा किया है। साकची, बिष्टुपुर, जुगसलाई, कदमा, सोनारी, गोलमुरी समेत शहर के मुख्य बाजार की दुकानें सुबह से ही बंद रही। बंद के अाह्वान के चलते बाजारों में सन्नाटा रहा। साकची में संजय मार्केट, शालिनी मार्केट, बागबेड़ा, मानगो की दुकानें खुली रहीं।
भाजपा और आजसू ने चैंबर के विरोध का किया खुला समर्थन
चैंबर के बंद के आह्वान के चलते लगभग 15 करोड़ रुपए के कारोबार नहीं हो पाया। सिंहभूम चैंबर के अध्यक्ष अशोक भालोटिया ने बताया कि प्रत्येक बाजार की दुकानें बंद थी। कुछ छोटे दुकानदार खुले हुए अवश्य थे। चैंबर के बंद से सरकार पर असर अवश्य पड़ेगा और संक्रामक रोग अध्यादेश को वापस लेगी।
भाजपा ने बंद का समर्थन किया और अध्यादेश वापस लेने की मांग की। उधर, भारतीय जनता पार्टी और आजसू में भी चेंबर ऑफ कॉमर्स के बंद का समर्थन किया भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष गुंजन यादव ने सरकार के अध्यादेश को गलत बताते हुए इसको वापस लेने की मांग की है। कहा- इससे व्यापार को प्रभावित होगा।
चैंबर भाजपा की भाषा बोल रहा: कांग्रेस प्रवक्ता
चैंबर ऑफ कॉमर्स को सलाह दी कि झारखंड संक्रामक रोग अध्यादेश लागू नहीं हुआ है, चैंबर व भाजपा को हाय तौबा मचाने की जरूरत नहीं है। चैंबर भाजपा की भाषा न बोले। सरकार की मंशा प्रताड़ित करने की नहीं है बल्कि संक्रमण मुक्त करना है। इस लड़ाई में सरकार को सहयोग करने की जरूरत है।
-राकेश तिवारी, कांग्रेस के कोल्हान प्रवक्ता
from Dainik Bhaskar

Leave Comments
एक टिप्पणी भेजें