बेटे को गले नहीं लगा पाई कदमा की सोनिया, आंसुओं से भिगी ममता
स्कूटी से 1800 किमी सफर कर मुंबई से शहर पहुंची कदमा निवासी सोनिया ने 5 साल के बेटे को देखा तो उसकी आंखें नम हो गई। संक्रमण के डर से बेटे को गोद भी न ले पाई। दोनों ने एक दूसरे को देख फ्लाइंग किस दिया व ढेरों बातें की। सोनिया शनिवार की सुबह शहर पहुंची, वहीं बुधवार को मुंबई से सफर पर निकली थी।
मां के रेड जोन से आने के बाद जिला प्रशासन की निगरानी में बेटे से मिलाया। सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कर मां-बेटे मिले। लेकिन वायरस के डर से बेटे और मां 14 दिनों तक नहीं मिलेंगे। सोनिया ने कहा- बेटे से मिलने के लिए मैं मुंबई से 1800 सौ किलोमीटर की यात्रा स्कूटी से तय की। बेटे को देखा तब जाकर संतोष हुआ, अब लग रहा है मेरी यात्रा सार्थक हुई। जिला प्रशासन ने मेरा रैपिड कोरोना टेस्ट कराया, जिसमें रिपोर्ट निगेटिव आई। इसके बाद मुझे होम क्वारेंटाइन किया गया।
शहर में तलाश करूंगी नौकरी : सोनिया
बेटे को लंबे समय बाद देख सुकून मिला। मजबूरी है कि बेटे को गले भी नहीं लगा पा रही हूं। 14 दिन बाद ही मिलूंगी। शहर में ही जॉब तलाशूंगी व बच्चे के पास रहूंगी। -सोनिया दास, मां, कदमा निवासी
साहसिक कार्य किया: डीएसपी
18 सौ किलोमीटर की यात्रा स्कूटी से करना बहुत बड़ी बात है, सोनिया ने साहसिक काम किया है। महिला होने के बावजूद सोनिया काफी हिम्मती है।
-अरविंद कुमार, डीएसपी, जमशेदपुर
from Dainik Bhaskar

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