इम्युनिटी बढ़ाने वाली दवाओं, की बिक्री दस गुना तक बढ़ी, संक्रमित मरीजों को भी इसकी खुराक दी जाती है
जीतेंद्र कुमार, कोरोना काल में हर जागरूक व्यक्ति खुद ही डॉक्टर बन गया है। शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ाने के लिए लोग तरह-तरह के जतन कर रहे हैं। कोई आयुर्वेदिक नुस्खा अपना रहा तो कोई विटामिन की गोलियां और जूस पीकर इम्युनिटी बढ़ा रहा है। मेडिकल स्टोर संचालक भी मानते हैं कि इन दिनों आयुर्वेदिक औषधियों, काढ़ा समेत विटामिन-सी और मल्टी विटामिन की गोलियों की बिक्री कई गुना बढ़ गई है।
धनबाद केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश दुदानी के मुताबिक विटामिन-सी की गाेलियाें की मांग दस गुना बढ़ गई है। बाजार में सेलिन व लिम्सी के नाम से अलग-अलग कंपनियाें की विटामिन-सी की गाेलियां आती हैं। मांग अधिक हाेने के कारण मेडिकल स्टाेरों पर यह दवा मुश्किल से मिल पा रही है। मल्टी विटामिन गोलियां कई कंपनियाें की आती हैं, इस कारण उपलब्ध हैं। इसमें भी टाॅप ब्रांड की दवाएं आउट ऑफ स्टाॅक हैं। बताते चलें कि काेविड से बचाव में विटामिन-सी की गोलियां कारगर हैं। संक्रमित मरीजों को भी इसकी खुराक दी जाती है।
एलोवेरा, त्रिफला, हल्दी गोली व आंवला जूस का भी इस्तेमाल बढ़ा
इम्युनिटी बढ़ाने के लिए लोग आयुष काढ़ा, गिलोय, अश्वगंधा, हल्दी की गोलियां, तुलसी अर्क और च्वयनप्राश का इस्तेमाल रोज कर रहे हैं। इसके अलावा बाजार में एलोवेरा, गिलोय, तुलसी, त्रिफला, आंवला जूस की मांग में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। लिहाजा आयुर्वेदिक दवा की दुकानाें पर भी ये औषधीय दवा मुश्किल से मिल रही हैं।
हीरापुर स्थित पतंजलि स्टाेर के संचालक रमेश प्रसाद ने बताया कि फिलहाल इन चीजाें की मांग इतनी अधिक है कि स्टाॅक आते ही खत्म हाे जाता है। अाॅर्डर के सामान की आपूर्ति भी देर से होने के कारण कई प्राेडक्ट लाेगाें काे नहीं मिल पा रहा है।
from Dainik Bhaskar

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