सन्नाटे में कैद हुंडरू फॉल की खूबसूरती, 200 से अधिक बसों से पर्यटक आते थे 15 अगस्त को
अनिल चौधरी, काेराेना संक्रमण के कारण झारखंड के पर्यटन स्थल बंद हैं। हुंडरू फॉल भी पांच महीने से बंद, जिसके कारण आसपास के छह गांवों के पांच हजार से अधिक परिवार की आर्थिक स्थिति दयनीय है। भूखमरी की नौबत आ गई है। आम दिनों में यहां दर्जनों गाड़ियों से पर्यटक घूमने आते थे।
हर संडे को एक दर्जन से अधिक बसों से पर्यटक आते थे। 15 अगस्त के बाद यहां पर्यटन का सीजन शुरू होता है। पिछले 15 अगस्त को यहां करीब 30 हजार से अधिक पर्यटक आए थे। 15 अगस्त के बाद 10 से 15 हजार पर्यटक हर दिन आते थे, लेकिन अभी सबका आना-जाना बंद है, जिससे सभी बेरोजगार हैं।
15 अगस्त के बाद शुरू होता था पर्यटन का सीजन
40 किलोमीटर दूर है रांची से हुंडरू फॉल
200 से अधिक बसों से पर्यटक आते थे 15 अगस्त को
10 हजार से अधिक लोग 15 अगस्त के बाद घूमने आते थे
गेतलसूद डैम का फाटक खुलने से बढ़ गई हुंडरू फॉल की खूबसूरती...
2 दिनों से रूक्का डैम का फाटक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। इससे फॉल की खूबसूरती बढ़ गई है।
फॉल अपनी खूबसूरती चारों ओर बिखेर रही है। 200 से 300 मीटर दूर पानी की फुहार पहुंच रही है।
मैल्डी गांव हैंडीक्राफ्ट खिलौनों के लिए है फेमस...
फॉल के पास मैल्डी गांव के लोग हैंडीक्राफ्ट खिलौनों का स्टॉल लगाते थे। अभी ग्रामीण बेरोजगार हो चुके हैं।
हुंडरू, बुटगोड़ा, सिंदरी, तोपा और कुच्चू के ग्रामीण भी फाॅल के पास दुकान और स्टॉल लगाते थे।
होटल संचालक की सदमे से मौत...
पिछले दिनों होटल चलानेवाले दुकानदार चंद्रमोहन बेदिया की आर्थिक स्थिति की चिंता से मौत हो चुकी है। पर्यटकों के आने से छह गांवों के ग्रामीण मुर्गापालन, सब्जी बेचना, गाइड का काम करना, पर्यटक मित्र, झालमुंडी का स्टॉल, पार्किंग की व्यवस्था, सखुआ के पत्ते से बर्तन बनाना आदि काम करते थे।
from Dainik Bhaskar

Leave Comments
एक टिप्पणी भेजें